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कुबेर गार्डन के रसीले मीठे ‘पुलम’ रसगुल्ले को दे रहे मात!

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राजकोट दुर्गानगर स्थान को सिख तीर्थ यात्रियों ने बनाया अपना स्टॉपेज

श्री रीठासाहिब/चम्पावत। सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री रीठासाहिब चल रहे जोड़ मेले में आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए दुर्गा नगर राजकोट का ‘कुबेर गार्डन’ एक ऐसा स्टॉपेज बना हुआ है, जहां पेड़ में लदे ‘पुलम’ खाने से तीर्थ यात्रियों का मन नहीं भर रहा। दरअसल कुबेर गार्डन में पेड़ में ही पके लाल बड़े बड़े पुलमों में ऐसी मिठास भरी हुई है कि यात्री स्वयं एक दूसरे से इस फल की तारीफ करने में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि इस फल के सामने रसगुल्ला या गुलाब जामुन भी हार मान लेगा।

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कुबेर गार्डन के ताजे फलों के साथ काश्तकार शिवराज सिंह बोहरा।

चंडीगढ़ के बेअंत सिंह, सरोज कौर, कुलवंत सिंह, हरविंदर सिंह आदि का कहना है कि कुबेर गार्डन के मालिक शिवराज सिंह ने अपनी पत्नी उर्मिला बोहरा व बेटे के साथ मिलकर ऐसा गार्डन बनाया है, जहां काफल, अखरोट, अंजीर से लेकर सभी प्रकार के जैविक फल मिल जाते हैं। उनका अपना अलग ही स्वाद है। वहीं शिवराज बोहरा का कहना है कि तीर्थ यात्रियों द्वारा उन्हें सम्मान से जीने का अवसर देकर प्रोत्साहित किया जाता रहा है। आजकल वह जैविक अंजीर का भी स्वाद चखा रहे हैं जो औषधिय गुणों से भरपूर है। पुलम के पेड़ों में इतना फल आया है कि वे पुलम जमीन पर टपक रहे हैं। उनकी पत्नी इन पुलमों का गूदा निकालकर उसे सुखाकर रोटी की शक्ल दे रही हैं, जो 800 रुपये किलो के दर से बिक रहा है। ​रोटी में पुदीना, भुना हुआ जीरा, सेंधा नमक, मिर्च, हरे धनिया की चटनी के साथ लोग चाव से खा रहे हैं। काश्तकार शिवराज बोहरा द्वारा सिलबट्टे में बनाए गए विशेष प्रकार के नमक के साथ अगर इन फलों को खाया जाए तो उनका स्वाद एवं जायका ही बदल जाता है।

पुलम के पल्प से बनाई गई रोटी दिखातीं उर्मिला देवी।
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