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मां नंदा-सुनंदा के जयकारों से गूंजा चम्पावत, भव्य डोला यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

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‘मां नंदा सुनंदा तू दैण है जाए’ के भक्ति गीत पर झूमे श्रद्धालु, महिलाओं में दिखा खासा उत्साह; मंगलवार को भंडारे के साथ होगा महोत्सव का समापन

चम्पावत। जिला मुख्यालय में चल रहे सात दिवसीय मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के तहत सोमवार को नगर में भव्य डोला यात्रा निकाली गई। प्राचीन बालेश्वर मंदिर से निकली डोला यात्रा में मां नंदा-सुनंदा के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूरा नगर मां नंदा-सुनंदा के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा।

सुबह मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शाम करीब चार बजे मां नंदा-सुनंदा की भव्य डोला यात्रा बालेश्वर मंदिर से शुरू हुई। डोला यात्रा में श्रद्धालु ‘मां नंदा सुनंदा तू दैण है जाए’ जैसे भक्ति गीतों पर झूमते-गाते नजर आए। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते हुए डोले के आगे-पीछे चल रहे थे। यात्रा में हर आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ भागीदारी की।

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डोला यात्रा बालेश्वर मंदिर से तल्लीहाट, भैरवा, मादली, जीआईसी चौक, शांत बाजार, मोटर स्टेशन, ज्ञालीसेरान, नागनाथ मंदिर और मल्लीहाट होते हुए वापस बालेश्वर मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने मां नंदा-सुनंदा की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

मोटर स्टेशन पर महिलाओं ने की पूजा-अर्चना

मुख्य मोटर स्टेशन पर महिलाओं में मां नंदा-सुनंदा के प्रति विशेष आस्था देखने को मिली। महिलाओं ने मां की मूर्तियों पर पुष्प और अक्षत अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। बड़ी संख्या में महिलाएं डोला यात्रा में शामिल हुईं और जयकारे लगाते हुए नाचते-गाते मां के डोले के साथ चलती रहीं।

डोला यात्रा के दौरान नगर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। जगह-जगह लोगों ने डोले के दर्शन किए और मां नंदा-सुनंदा से परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। महोत्सव समिति के अध्यक्ष विजय वर्मा ने बताया कि सात दिवसीय मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का मंगलवार को विशाल भंडारे के साथ समापन किया जाएगा। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं और नगरवासियों का आभार जताया।