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चम्पावत : 15 से 25 प्रतिशत कमीशन के आरोपों को ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संगठन ने बताया निराधार

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विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के आरोपों पर डीएम को सौंपा ज्ञापन, कहा- ग्राम पंचायत के कार्यों का भुगतान चेक से नहीं, डीबीटी के जरिए होता है

चम्पावत। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संगठन ने लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी की ओर से पंचायतीराज विभाग के कार्मिकों पर लगाए गए 15 से 25 प्रतिशत कमीशन लेने के आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया है। संगठन ने शनिवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले में अपना पक्ष रखा।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने 3 सितंबर को विकास भवन पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितता और गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। इनमें विकास कार्यों के भुगतान के लिए चेक जारी करने के एवज में कमीशन लेने का आरोप भी शामिल था।

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ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संगठन ने विधायक के आरोपों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत निधि से कराए जाने वाले विकास कार्यों का भुगतान चेक के माध्यम से नहीं किया जाता है। भुगतान की प्रक्रिया डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से होती है।

संगठन के अनुसार निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की मजदूरी और सामग्री उपलब्ध कराने वाली संबंधित फर्मों का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाता है। ऐसे में चेक देने के एवज में कमीशन लिए जाने का आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

संगठन ने जिला पंचायतीराज अधिकारी (डीपीआरओ) को कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बताते हुए उनके साथ कथित अभद्रता की निंदा की। पदाधिकारियों ने कहा कि विभागीय कार्मिक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि के कार्मिकों पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों से उनकी सामाजिक छवि प्रभावित हो रही है। इससे कर्मचारियों को मानसिक और सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डीएम से मामले में उचित कार्रवाई की मांग

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शिवांशु वर्मा और महासचिव दिनेश सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर संगठन का पक्ष रखा। संगठन ने आरोपों को निराधार बताते हुए मामले में तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने और विभागीय कार्मिकों की प्रतिष्ठा की रक्षा किए जाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मौजूद रहे।