चम्पावत : आईटीबीपी को 1,462 किलो फल-सब्जियों की आपूर्ति, सीमांत किसानों को मिला सीधा बाजार
उद्यान विभाग और आईटीबीपी के बीच एमओयू से स्थानीय कृषकों को बिचौलियों से मुक्ति, एफपीओ के जरिए किसानों की उपज की हो रही खरीद
चम्पावत। सीमांत क्षेत्रों के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में उद्यान विभाग और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बीच हुआ समझौता ज्ञापन (एमओयू) असर दिखाने लगा है। इस पहल के तहत कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से आईटीबीपी को अब तक 1,462 किलोग्राम ताजे फल एवं सब्जियों की आपूर्ति की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनकी उपज के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट ने बताया कि इस व्यवस्था से आईटीबीपी को ताजे फल एवं सब्जियां उपलब्ध हो रही हैं, वहीं स्थानीय काश्तकारों और एफपीओ की आय बढ़ाने के अवसर भी मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग और आईटीबीपी के समन्वय से बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सीधे मिल रहा है। आपूर्ति की गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर नियमित निगरानी भी की जा रही है।

इस व्यवस्था से सीमांत क्षेत्रों में कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। भविष्य में इस आपूर्ति श्रृंखला से प्रदेश के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के एफपीओ को भी जोड़ने की योजना है। इससे स्थानीय उत्पादों को संस्थागत बाजार मिलने और किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

