चम्पावत की माया प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित, नदी के तेज बहाव में बचाई थी बालिका की जान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड देहरादून में छह बच्चों को किया सम्मानित, प्रत्येक को मिले 51 हजार रुपये
देहरादून। उत्तराखंड में अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देकर दूसरों की जान बचाने वाले छह बच्चों को प्रथम मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शुक्रवार को परेड ग्राउंड देहरादून में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को 51 हजार रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की गई।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में पहली बार शुरू किए गए इस पुरस्कार के लिए राज्यभर से प्राप्त आवेदनों में छह बच्चों का चयन किया गया। इनमें चमोली के तीन तथा चम्पावत, देहरादून और टिहरी गढ़वाल के एक-एक बच्चे शामिल हैं।
नदी के तेज बहाव में बालिका को बचाने पर माया सम्मानित
चम्पावत जनपद की कु. माया को पांच अगस्त 2025 को नदी के तेज बहाव में फंसी एक बालिका की जान बचाने के लिए सम्मानित किया गया। भारी बारिश के चलते नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था और एक बालिका तेज धारा में बहने लगी थी। इस दौरान माया ने अपनी जान की परवाह किए बिना बालिका को बचाने का प्रयास किया और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस साहसिक प्रयास में माया स्वयं भी घायल हो गई थीं। उनके इसी अदम्य साहस और सूझबूझ को देखते हुए उन्हें राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाल वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया।



भालू के हमले में तीन बच्चों ने दिखाई बहादुरी
चमोली जनपद के दिव्या, दीपिका और आरव सिंह को 22 दिसंबर 2025 को विद्यालय परिसर में भालू के हमले के दौरान साहस दिखाने के लिए सम्मानित किया गया। भालू ने कक्षा छह के छात्र आरव सिंह पर हमला कर दिया था। इस दौरान कक्षा आठ की छात्रा दिव्या ने भालू का पीछा कर आरव को बचाने में मदद की, जबकि दीपिका ने नौ अन्य विद्यार्थियों को सुरक्षित कक्षा में पहुंचाया।
आपदा के दौरान 17 लोगों को किया सतर्क
देहरादून की कु. आराध्या को दो जून 2026 को बादल फटने के दौरान दिखाई गई सतर्कता और साहस के लिए सम्मानित किया गया। भारी बारिश के बीच मलबा और पानी आने की स्थिति में उन्होंने घर में मौजूद सभी 17 लोगों को तत्काल सतर्क कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। साथ ही तीन वर्षीय बच्ची को पानी के तेज बहाव से बचाया।
बुजुर्ग को वाहन की चपेट में आने से बचाया
टिहरी गढ़वाल की कु. श्वेता को 30 जनवरी 2025 को सड़क पर एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान बचाने के लिए सम्मानित किया गया। सड़क पर लाठी के सहारे चल रहे बुजुर्ग की ओर तेज गति से वाहन आता देख श्वेता ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें हाथ पकड़कर सड़क किनारे सुरक्षित कर दिया। मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार का उद्देश्य असाधारण साहस, वीरता और सूझबूझ का परिचय देने वाले बच्चों को प्रोत्साहित करना है। इस सम्मान के माध्यम से बच्चों के साहसिक कार्यों को पहचान देने के साथ ही अन्य बच्चों को भी विपरीत परिस्थितियों में मानवता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

