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चम्पावत : 391 पदों को क्रियाशील करने और पदोन्नत वेतनमान की मांग, फार्मासिस्ट संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

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1 सितंबर से काला फीता बांधकर आंदोलन शुरू करने का ऐलान, 31 अगस्त तक ज्ञापन और पत्राचार का कार्यक्रम

चम्पावत। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत फार्मासिस्टों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड ने आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने मांगों के समर्थन में 1 सितंबर से काला फीता बांधकर प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है। इससे पहले 31 अगस्त तक महासंघ, विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजकर मांगों के समाधान की अपील की जाएगी। आंदोलनात्मक कार्यक्रम से पहले एसोसिएशन की चम्पावत जिला कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय चम्पावत और मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि प्रकाश चंद्र तिवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा।

391 स्थगित पदों को क्रियाशील करने की मांग

फार्मासिस्ट संघ का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के पुनर्गठन में फार्मासिस्ट संवर्ग के साथ न्याय नहीं हुआ। संगठन के मुताबिक पहले फार्मासिस्ट संवर्ग में 1562 पद थे, जिन्हें घटाकर 963 पद कर दिया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य उपकेंद्रों में फार्मासिस्ट के 391 पद स्थगित कर दिए गए हैं। संगठन का कहना है कि विभाग इन 391 पदों की आवश्यकता पहले ही स्वीकार कर चुका है और कार्मिक विभाग द्वारा भी इन पदों को यथावत रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके बावजूद पदों को क्रियाशील नहीं किया जा रहा है। एसोसिएशन ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में फार्मासिस्ट के पद खाली रहने से दवाइयों से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने 391 पदों को तत्काल क्रियाशील करने की मांग की है।

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चम्पावत में विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी को व मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपते फार्मासिस्ट संघ के पदाधिकारी।

10, 16 और 26 साल पर मिले पदोन्नत वेतनमान

फार्मासिस्ट संघ ने एमएसीपी के तहत पदोन्नति के पद का वेतनमान दिए जाने की मांग भी उठाई है। संगठन के अनुसार फार्मेसी अधिकारियों के लिए पदोन्नति के अवसर बेहद सीमित हैं। इसके चलते अधिकांश फार्मेसी अधिकारियों को 34-35 वर्ष तक एक ही प्रारंभिक पद पर सेवा करने के बाद सेवानिवृत्त होना पड़ता है। संघ ने कहा कि जिन संवर्गों में पदोन्नति के अवसर कम होते हैं, उनके कर्मचारियों के लिए पहले एसीपी के तहत पदोन्नत पद का वेतनमान देने की व्यवस्था थी। फरवरी 2017 में यह व्यवस्था समाप्त होने के बाद फार्मासिस्ट संवर्ग को आर्थिक नुकसान हो रहा है। एसोसिएशन ने 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत पद का वेतनमान देने की मांग की है।

फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन लागू करने की मांग

फार्मासिस्टों ने राज्य में फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 का अनुपालन सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इसके साथ ही उड़ीसा और असम की तर्ज पर चिकित्सक की अनुपस्थिति वाले स्वास्थ्य केंद्रों तथा चिकित्सकविहीन चिकित्सा इकाइयों में फार्मासिस्टों को कार्य करने के लिए व्यापक अधिकार देने की मांग उठाई गई है। संघ का कहना है कि राज्य के कई दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता नहीं रहती। ऐसे में फार्मासिस्टों की भूमिका को स्पष्ट करते हुए उन्हें नियमानुसार आवश्यक कार्य करने के अधिकार दिए जाने चाहिए।

चारधाम यात्रा के देयकों के भुगतान की मांग

फार्मासिस्ट संघ ने चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित यात्रा देयकों का भुगतान करने की मांग भी की है। साथ ही यात्रा ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के लिए रहने और खाने की उचित व्यवस्था किए जाने की मांग रखी गई है।

आंदोलन से पहले मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

1 सितंबर से प्रस्तावित आंदोलन से पहले चंपावत जिला कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों के शीघ्र समाधान की अपील की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो तय कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा।

ज्ञापन देने वालों में प्रदेश महामंत्री डॉ. सतीश चंद्र पाण्डेय, जिला अध्यक्ष विष्णु गिरी गोस्वामी, जिला मंत्री रोशन लाल विश्वकर्मा, संप्रेक्षक तान सिंह समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।