तीसरे दिन भी बंद रही टनकपुर-जौलजीबी रोड, भारी भूस्खलन से सीमांत के कई गांव प्रभावित
टनकपुर/चम्पावत। नेपाल सीमा से लगी टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) रोड शुक्रवार को तीसरे दिन भी बंद रही। चरण मंदिर के पास हुए जबर्दस्त भूस्खलन के कारण यह मार्ग 27 अगस्त की सुबह से बंद है। सड़क बंद होने से सीमांत क्षेत्र के कई गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। मार्ग को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की टीम युद्धस्तर पर जुटी हुई है।
भारी मलबे से पूरी तरह पट गई सड़क
जानकारी के अनुसार चरण मंदिर के पास भारी मात्रा में मलबा आने से टनकपुर-जौलजीबी रोड का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह बंद हो गया। जबर्दस्त भूस्खलन के कारण सड़क पर बड़ी मात्रा में बोल्डर और मलबा जमा हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। मार्ग बंद होने का असर कलढुंगा, चूका, सीम, खेत और रणकोची समेत नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के कई गांवों पर पड़ा है। ग्रामीणों को आवाजाही के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

चार मशीनों से हटाया जा रहा मलबा
सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने के लिए लोनिवि ने मौके पर पोकलैन और जेसीबी समेत चार मशीनें लगाई हैं। विभागीय टीम लगातार मलबा हटाने में जुटी हुई है। लोनिवि के सहायक अभियंता लक्ष्मण सिंह सामंत ने बताया कि सड़क पर जमा आधे से अधिक मलबा हटाया जा चुका है। शेष मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है।
“टनकपुर-जौलजीबी रोड के भारी मलबे को हटाने के लिए पोकलैन, जेसीबी सहित कुल चार मशीनें लगाई गई हैं। आधे से अधिक मलबा हटाया जा चुका है। शेष मलबा हटाकर आज 29 अगस्त की शाम तक सड़क को आवागमन के लिए सुचारू किए जाने की उम्मीद है।”
— लक्ष्मण सिंह सामंत, सहायक अभियंता, लोनिवि टनकपुर
अगर मौसम ने साथ दिया और मलबा हटाने के दौरान दोबारा भूस्खलन नहीं हुआ तो आज शाम तक टीजे रोड पर यातायात बहाल होने की उम्मीद है।

