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रक्षाबंधन पर महिलाओं को धामी सरकार की सौगात, मुफ्त रोडवेज यात्रा से लेकर पिंक ई-बस तक कई बड़े ऐलान

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खटीमा/उधमसिंह नगर। रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तराखंड की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, बेहतर आवागमन और आर्थिक आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हाईटेक टॉयलेट, पिंक ई-बस और मुफ्त रोडवेज यात्रा जैसी सुविधाओं का ऐलान किया है। इसके साथ ही महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की अधिकतम सीमा भी बढ़ाई गई है।

चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह का मुख्यमंत्री धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए महिला हितों से जुड़ी सरकार की योजनाओं और आगामी पहलों की जानकारी दी।

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बाजार और पर्यटन स्थलों पर बनेंगे हाईटेक टॉयलेट

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाएंगे। इनमें साफ-सफाई के साथ महिलाओं की निजता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार की योजना बाजारों, पर्यटन स्थलों और ऐसे अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर इन सुविधाओं को विकसित करने की है, जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है। इससे सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

60 वर्ष की महिलाओं को मिलेगी मुफ्त रोडवेज यात्रा

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाओं में महिलाओं के लिए मुफ्त रोडवेज यात्रा की सुविधा भी शामिल है।

प्रदेश में वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलती है। अब महिलाओं के लिए इस व्यवस्था की उम्र सीमा 65 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष किए जाने की घोषणा की गई है।

यानी 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाली पात्र महिलाएं रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगी। इससे बुजुर्ग महिलाओं के लिए आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

देहरादून में चलेंगी 10 पिंक ई-बसें

महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने पिंक ई-बसों की भी घोषणा की है।

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखंड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून के लिए प्रस्तावित 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए समर्पित पिंक ई-बस के रूप में संचालित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे चलकर इस पहल का प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।

महिला स्वरोजगार योजना में बढ़ी ऋण सीमा

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना में भी बड़ा बदलाव घोषित किया है।

योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है। इससे महिलाओं को छोटे कारोबार, स्वरोजगार और आय अर्जित करने वाली गतिविधियां शुरू करने के लिए पहले की तुलना में अधिक वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता पर जोर

चकरपुर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

रक्षाबंधन पर की गई घोषणाओं में महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। हाईटेक टॉयलेट से सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार, पिंक ई-बस से सुरक्षित आवागमन, 60 वर्ष की महिलाओं के लिए मुफ्त रोडवेज यात्रा और स्वरोजगार योजना में ऋण सीमा बढ़ाने से आर्थिक मजबूती—इन पहलों को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।