मेधा और कड़े संघर्ष से चमका चम्पावत: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में जनपद के प्रतिभावान युवाओं की ऐतिहासिक कामयाबी
उत्तराखंड राज्य सिविल सेवा परीक्षा में सीमांत जनपद चम्पावत का अभूतपूर्व कीर्तिमान: शीर्ष प्रशासनिक पदों पर चयनित होकर युवाओं ने बढ़ाया जनपद का मान
चम्पावत। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद सीमांत जनपद चम्पावत में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में जनपद के अनेक प्रतिभावान युवाओं ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी उत्कृष्ट मेधा, अटूट लगन और कड़े संघर्ष के बल पर शीर्ष पदों को हासिल कर जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। भौगोलिक विषमताओं और सीमित संसाधनों के मध्य चम्पावत के इन होनहारों द्वारा प्रदर्शित यह उल्लेखनीय प्रदर्शन यह सिद्ध करता है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो कोई भी बाधा सफलता का मार्ग नहीं रोक सकती। इन युवाओं ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता से न केवल अपने परिवारों को गौरवान्वित किया है, बल्कि संपूर्ण सीमांत क्षेत्र के लिए प्रेरणा का एक नया अध्याय भी लिखा है। यह परिणाम इस बात का भी प्रत्यक्ष प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन मिलने पर सीमांत क्षेत्र की प्रतिभाएं किसी भी राष्ट्रीय या प्रांतीय स्तर की प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त करने में पूरी तरह सक्षम हैं।



इसी क्रम में लोहाघाट क्षेत्र की अदिति पुनेठा ने पुलिस उपाधीक्षक (Dy. SP) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और कानून-व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदारी वाले पद पर चयनित होकर चम्पावत का मान बढ़ाया है। श्री दीपक पुनेठा तथा श्रीमती भावना पुनेठा की पुत्री अदिति की इस विशिष्ट उपलब्धि से पूरे लोहाघाट क्षेत्र में गौरव की लहर है। वहीं, जनपद मुख्यालय स्थित छतार वार्ड की ऐश्वर्या भट्ट ने भी अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देते हुए पुलिस उपाधीक्षक (Dy. SP) के पद पर अपनी जगह सुरक्षित की है। श्री गिरीश भट्ट तथा श्रीमती गीता भट्ट की सुपुत्री ऐश्वर्या ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के उपरांत हरिद्वार स्थित ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज से बीएएमएस (BAMS) की चिकित्सा उपाधि प्राप्त की है, और अब वे पुलिस उपाधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं देंगी।


सफलता के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए टनकपुर के ककरालीगेट की निवासी अंजली चंद ने सहायक नगर आयुक्त के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर एक और बड़ी उपलब्धि जनपद के खाते में जोड़ी है। एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा से एप्लाइड मैथ्स में स्नातक अंजली वर्तमान में लमगड़ा (जनपद अल्मोड़ा) में उप शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी राजकीय कार्यव्यस्तताओं और दायित्वों के निर्वहन के बीच भी अध्ययन की निरंतरता को बनाए रखते हुए इस उच्च पद को हासिल कर अपनी प्रशासनिक क्षमता व समय प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
राज्य की इस शीर्ष परीक्षा में जनपद की महिलाओं द्वारा पुलिस और नगर प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण एवं शीर्ष पदों पर हासिल की गई यह अभूतपूर्व सफलता जनपद में महिला सशक्तिकरण हेतु मील का पत्थर साबित होगी, तथा आगामी पीढ़ी की बेटियों को प्रशासनिक सेवाओं में आने के लिए प्रेरित करेगी। इसके साथ ही, शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक नेतृत्व के लिए मनोज सिंह का चयन भी उप शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। मनोज सिंह ने स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट से अपनी स्नातक की शिक्षा पूर्ण की है और अपनी जड़ों से जुड़े रहकर प्रांतीय स्तर की इस परीक्षा में यह विशिष्ट मुकाम हासिल किया है।
इसी कड़ी में, वर्तमान में उत्तराखंड सचिवालय में सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे कलीगांव, लोहाघाट निवासी राकेश कुमार का चयन भी उप शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ है। लोहाघाट के स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से ही स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने वाले राकेश कुमार, श्री नारायण राम तथा श्रीमती बसंती देवी के पुत्र हैं। राकेश की यह सफलता शासकीय सेवा के कर्तव्यों को निभाते हुए उच्च लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में किए गए उनके कड़े संघर्ष, निरंतरता और अटूट धैर्य को रेखांकित करती है।
जनपद के युवाओं के इस ऐतिहासिक और उल्लेखनीय प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी सफल अभ्यर्थियों, उनके माता-पिता और गुरुजनों को अपनी हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि चम्पावत के इन होनहारों ने राज्य की अत्यंत कठिन और गरिमामयी परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त कर पूरे सीमांत क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और सुदूरवर्ती क्षेत्र की चुनौतियों के बावजूद अपनी कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और सही दिशा में किए गए प्रयासों के बल पर इन युवाओं ने जो मुकाम हासिल किया है, वह जनपद के आगामी छात्र-छात्राओं और सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक महान प्रेरणा स्रोत और मार्गदर्शक साबित होगा।
जिलाधिकारी ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी नवनियुक्त अधिकारी अपनी कार्यकुशलता से उत्तराखंड राज्य के विकास व जनकल्याण की नीतियों को धरातल पर उतारने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।

