चम्पावत: फर्जी मेडिकल न बनाने पर शिक्षिका ने डॉक्टर से की अभद्रता, मामला पुलिस तक पहुंचा
चम्पावत। चम्पावत जिला अस्पताल में तैनात एक अस्थिरोग विशेषज्ञ के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक शिक्षिका ने पहले फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए डॉक्टर पर दबाव डाला और मांग पूरी न होने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया। घटना के बाद चिकित्सक ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

जिला अस्पताल के अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय पाठक के मुताबिक आज 30 अप्रैल को एक शिक्षिका उनके पास पांव में दर्द की शिकायत लेकर पहुंची। शिक्षिका ने डॉक्टर पर जोर दिया कि उन्हें दो हफ्ते का मेडिकल सर्टिफिकेट बनाकर दिया जाए। डॉ. पाठक के अनुसार प्राथमिक जांच में महिला पूरी तरह फिट लग रही थी, इसलिए उन्होंने बिना किसी ठोस चिकित्सीय कारण के मेडिकल बनाने से साफ इनकार कर दिया। डॉक्टर का आरोप है कि इस पर नाराज होकर शिक्षिका और उनके साथ आए पति अभद्रता पर उतारू हो गए। उन्होंने अस्पताल परिसर में काफी हंगामा किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उक्त शिक्षिका का व्यवहार पहले भी विवादित रहा है। बताया जा रहा है कि इससे पूर्व उन्होंने लोहाघाट अस्पताल में भी इसी तरह की अभद्रता की थी। दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर डॉ. पाठक ने चम्पावत कोतवाली में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कोतवाल बीएस बिष्ट ने पुष्टि की है कि उन्हें चिकित्सक की ओर से तहरीर मिली है। मामले की जांच बाजार चौकी के प्रभारी प्रदीप जोशी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में हुई इस घटना से चिकित्सा कर्मियों में रोष व्याप्त है।

