उफनती नदी में कूदी चम्पावत की बेटी माया, दो सहेलियों की बचाई जान; अब मिलेगा राज्य बाल वीरता पुरस्कार
06 नवंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे सम्मानित, 86.6 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कर पेश की मिसाल
चम्पावत। अदम्य साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश करने वाली चम्पावत की बेटी माया को मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। ग्राम घुरचुम (पोस्ट ऑफिस कोटा जमराड़ी) निवासी 17 वर्षीय माया पुत्री भुवन चन्द्र कांडपाल को वर्ष 2026-27 के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। आगामी 06 नवंबर को देहरादून में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी माया को सम्मानित करेंगे।
माया ने 05 अगस्त 2025 को अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती नदी में छलांग लगाकर दो सहेलियों की जान बचाई थी। उस दिन क्षेत्र में भारी बारिश के चलते सड़कें भूस्खलन से बंद थीं। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे और स्कूल जाने का रास्ता बाधित हो गया था। इसके बावजूद माया अपनी सहेलियों के साथ नदी पार कर परीक्षा देने स्कूल जा रही थी।
इसी दौरान नदी के तेज बहाव में उसकी दो साथी बालिकाएं कोमल और आरती बहने लगीं। दोनों को संकट में देख माया ने पलभर की देरी किए बिना उफनती नदी में छलांग लगा दी। अपनी जान जोखिम में डालकर उसने पूरी ताकत से दोनों सहेलियों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया।
इस साहसिक बचाव अभियान में माया स्वयं भी घायल हो गई और उसकी चप्पलें नदी में बह गईं, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। दोनों सहेलियों को सुरक्षित बचाने के बाद माया चोटिल अवस्था में स्कूल पहुंची और अपनी निर्धारित परीक्षा भी दी। यह घटना उसके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बन गई।
साहस के साथ पढ़ाई में भी अव्वल
विषम परिस्थितियों से जूझते हुए माया ने वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट की परीक्षा 86.6 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। अपनी शिक्षा के प्रति अटूट लगन और विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने के जज्बे से माया ने एक और मिसाल कायम की। माया के अदम्य साहस, तत्परता और मानवीय संवेदना को देखते हुए जनपद स्तरीय चयन समिति की संस्तुति पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने उसे मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार के लिए चयनित किया है। माया की यह उपलब्धि पूरे चम्पावत जनपद के लिए गौरव का विषय है।

