चम्पावत के सपूत लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गजेंद्र जोशी को मिला परम विशिष्ट सेवा मेडल, जनपद में खुशी की लहर
चम्पावत। सीमांत जनपद चम्पावत के लिए गर्व का क्षण है। जनपद के लटोली गांव निवासी भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी को राष्ट्र के प्रति उनकी असाधारण एवं विशिष्ट सैन्य सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) से सम्मानित किया गया है। 29 जून 2026 को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इस प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान से अलंकृत किया। इस उपलब्धि पर पूरे चम्पावत जनपद में हर्ष और गौरव का माहौल है।
लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी ने अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान अनेक महत्वपूर्ण अभियानों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। उन्होंने श्रीलंका में ऑपरेशन पवन, पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियान तथा जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक जैसे चुनौतीपूर्ण सैन्य अभियानों में उल्लेखनीय योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित स्ट्राइक-1 कोर के कमांडर और महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल के कमांडेंट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी उन्हें उत्कृष्ट सैन्य सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और सेना मेडल (SM) से सम्मानित किया जा चुका है। अब परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) से सम्मानित होना उनके अनुकरणीय नेतृत्व, अद्वितीय कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का सर्वोच्च सम्मान माना जा रहा है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गजेंद्र जोशी ने अपनी वीरता, अनुशासन और उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि गजेंद्र जोशी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी यह उपलब्धि सम्पूर्ण चम्पावत जनपद के लिए गर्व का विषय है।

