चम्पावत जिला पंचायत की बैठक सम्पन्न, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
चम्पावत। जिला पंचायत चम्पावत की बैठक मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के समग्र विकास, विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने और समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।
बैठक की शुरुआत में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी ने सभी सदस्यों एवं अधिकारियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “आदर्श चम्पावत” परिकल्पना को साकार करने के लिए सभी विभागों से समन्वित और प्रतिबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जनसहभागिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला पंचायत सदस्यों के माध्यम से प्राप्त जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान किया जाए। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए अध्यक्ष ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जनपद में एम्बुलेंस सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल, विद्युत और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने तथा विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि सभी विभाग नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों को अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने पर्यटन विभाग की विभिन्न योजनाओं, ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर, होम-स्टे अनुदान योजना, मानसखंड मंदिर माला मिशन और मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से जनपद में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों की आजीविका भी मजबूत होगी।
जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति विभाग को राशन कार्ड सत्यापन अभियान में तेजी लाने तथा अपात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, बैठक में वन विकास निगम के अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने जनपद के पारंपरिक जल स्रोतों—घराटों एवं नौलों—की पहचान कर उनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण करने, स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में धरातल पर उतारने तथा जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशील और जवाबदेह दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, जिला पंचायत सदस्य, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

