टनकपुर–पिथौरागढ़ हाईवे पर बड़ा हादसा टला, यात्रियों से भरी बोलेरो पलटी; 6 यात्री हुए चोटिल
टनकपुर/चम्पावत। टनकपुर–पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-09) पर मंगलवार शाम बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। स्वाला और अमोड़ी के बीच तुलसी होटल के समीप यात्रियों से भरी एक बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में छह लोग घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि वाहन सड़क से नीचे गहरी खाई में नहीं गिरा, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब चार बजे मुनस्यारी से हल्द्वानी जा रही बोलेरो (यूके-05 टीए-0839) स्वाला और अमोड़ी के बीच मूसलाधार बारिश के दौरान गीली सड़क पर अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत सहायता के लिए पहुंचे।
इसी दौरान मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार बृजवाल भी चम्पावत से टनकपुर की ओर जा रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कराया। स्थानीय लोगों और उनकी टीम ने मिलकर सभी घायलों को सुरक्षित वाहन से बाहर निकाला।

घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल किट उपलब्ध कराई गई तथा आवश्यक सहायता देने के बाद उन्हें दूसरे वाहन से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। सभी घायलों को हल्की चोटें आई हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का कारण बोलेरो के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बीच यह घटना एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर वाहन फिटनेस, नियमित रखरखाव और सावधानीपूर्वक वाहन संचालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। बारिश के मौसम में फिसलन भरी सड़कों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
हादसे में देवदूत बने नोडल अधिकारी केदार बृजवाल
बोलेरो दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार बृजवाल और उनकी टीम ने त्वरित मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। उनके साथ बृजेश जोशी और राकेश चौड़ाकोटी भी राहत कार्य में जुट गए। तीनों ने सबसे पहले घायलों का हालचाल जाना, प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था कराई। साथ ही संबंधित विभागों को घटना की सूचना देकर आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की।
केदार बृजवाल ने बताया कि सभी घायलों को तत्काल मेडिकल किट एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई और सुरक्षित दूसरे वाहन से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नोडल अधिकारी और उनकी टीम की तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता की सराहना करते हुए इसे संकट की घड़ी में सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

