उत्तराखंड: मारपीट मामले में पुलिस इंस्पेक्टर समेत दो दोषी, कोर्ट ने सुनाई 2-2 साल की सजा
नई टिहरी की अदालत का फैसला, पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
नई टिहरी। उत्तराखंड के नई टिहरी में मारपीट और धमकी के एक मामले में अदालत ने पुलिस निरीक्षक सहित दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए दो-दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला 14 दिसंबर 2022 की रात का है। शिकायतकर्ता दीवान सिंह बागड़ी के अनुसार, उनका पुत्र नीरज बागड़ी और कर्मचारी अभिषेक शाह अपने एक अन्य कर्मचारी को घर छोड़कर लौट रहे थे। इसी दौरान पोस्ट ऑफिस मुख्य सड़क के पास ओवरटेकिंग को लेकर विक्की चौधरी और रजनीश सिंह से विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद के बाद विक्की चौधरी और रजनीश सिंह ने विक्की के पिता, तत्कालीन पुलिस निरीक्षक सुखपाल सिंह को मौके पर बुला लिया। शिकायत के अनुसार, सुखपाल सिंह भी शराब के नशे में थे और उन्होंने मौके पर पहुंचकर अभिषेक शाह और नीरज बागड़ी के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, दोनों को पूरी रात कोतवाली में हिरासत में रखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुखपाल सिंह और रजनीश सिंह के खिलाफ मारपीट, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, लड़ाई-झगड़ा और आपराधिक धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
सहायक अभियोजन अधिकारी परवाज अख्तर ने बताया कि न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के साधारण कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

