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चम्पावत : निर्माण कार्यों में देरी पर डीएम सख्त, सर्किट हाउस व साइंस सेंटर की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

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चम्पावत में निर्माणाधीन सर्किट हाउस और अत्याधुनिक साइंस सेंटर परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “आदर्श चम्पावत” की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से जनपद मुख्यालय में निर्माणाधीन विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई।

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जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन सर्किट हाउस एवं अत्याधुनिक साइंस सेंटर परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित ऑडिटोरियम के लिए चिन्हित स्थल का भी जायजा लेकर आवश्यक अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साइंस सेंटर में प्रस्तावित फन साइंस गैलरी, विज्ञान एवं कृषि गैलरी, एस्ट्रोनॉमी गैलरी, प्रशिक्षण हॉल, दो मंजिला साइंस गैलरी ब्लॉक तथा चार मंजिला साइंस कैंप फैसिलिटी सहित विभिन्न निर्माणाधीन संरचनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

निर्माण कार्य अपेक्षित गति से न होने पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एम.सी. पलड़िया से निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण स्थल पर उपलब्ध संसाधनों और श्रमिकों की संख्या की भी जानकारी ली तथा उपजिलाधिकारी चम्पावत को निर्देश दिए कि पटवारी एवं कानूनगो के माध्यम से निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कर प्रगति की सतत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तत्काल तेजी लाने, पर्याप्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने, निर्माण सामग्री एवं संसाधनों की समय पर उपलब्धता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में कार्यों की प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी सिविल निर्माण कार्य गुणवत्ता, सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि साइंस सेंटर निर्धारित समय पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विज्ञान प्रेमियों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी बी.सी. पंत, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एम.सी. पलड़िया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।