उत्तराखंड : निर्माणाधीन टनल में भूस्खलन से नौ की मौत, छह की तलाश जारी, आज जाएंगे सीएम
चमोली। विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से वहां काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए थे। इसमें करीब नौ मजदूरों की मौत हो गई। कई मजदूरों की तलाश अब भी जारी है।
टीएचडीसी प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। उन्होंने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी संसाधनों को पूरी तरह से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। बताया कि प्रोजेक्ट की मैनेजमेंट टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह जुटी हुई है। प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता। बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

गोपेश्वर के जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने बताया कि THDC से कुल 19 लोगों को यहां लाया गया था; इनमें से 7 को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 लोग ठीक-ठाक हालत में पहुंचे। हमने उनमें से 10 को भर्ती किया है। एक युवक, जिसकी हालत थोड़ी अस्थिर थी, उसे श्रीनगर के बेस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी टनल हादसे को लेकर झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिया कि उनके राज्य के प्रत्येक प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

बताया जा रहा है कि टनल में गले तक पानी और मलबा भर गया है। रात करीब दस बजे एनडीआरएफ की टीमें तीन वाहनों से टनल में घुसी। नीले रंग के ड्रम भी टनल में ले जाए गए हैं। बताया जा रहा है कि पानी में इन ड्रमों के सहारे आगे बढ़कर जवान रेस्क्यू अभियान करेंगे। देर रात तक घायलों का रेस्क्यू अभियान जारी था। NDRF की टीम के कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया कि जब हमारी टीम पहुंची और ऑपरेशन शुरू किया, तो सुरंग में बहुत पानी भरा हुआ था और किनारों से भी पानी रिस रहा था। तब से पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। हमारे जवान खास उपकरण पहनकर अब तक पानी से चार शव निकाल चुके हैं और ऑपरेशन अभी भी जारी है… यह ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा जब तक सभी को बाहर नहीं निकाल लिया जाता।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने चमोली जनपद के पीपलकोटी में टीएचडीसी की सुरंग में मलबा एवं पानी आने की घटना पर चिंता व्यक्त की है। राज्यपाल ने इस संबंध में सचिव, आपदा प्रबंधन से वार्ता कर घटनाक्रम तथा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन सहित सभी संबंधित राहत एवं बचाव एजेंसियां पूरी तत्परता के साथ युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि त्वरित कार्रवाई करते हुए कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जो राहत की बात है। राज्यपाल ने सुरंग में फंसे अन्य श्रमिकों को शीघ्र सकुशल बाहर निकालने हेतु हर संभव प्रयास के निर्देश दिए हैं।

पिछले साल इसी परियोजना में हुआ था लोको ट्रेन हादसा
टीएचडीसी की इसी निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना में पिछले साल 31 दिसंबर की देर रात सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं। हादसे में करीब 60 अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हुए थे। हादसे के समय सुरंग में 100 से अधिक लोग काम कर रहे थे। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना के बाद सुरंग में लंबे समय तक निर्माण कार्य रोक दिया गया था।
सीएम ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा व पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल व राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा व पानी भरने की घटना के बाद बचाव व राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोर्चा संभाल लिया। सीएम ने देर रात आपदा परिचालन केंद्र पहुंच कर युद्ध स्तर पर बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।

