उत्तराखंड में मलबा आने से ढहा मकान: जिंदा दफन हो गए दो साल के बच्चे समेत तीन लोग, मातम
कोटद्वार/पौड़ी। द्वारीखाल ब्लॉक की ग्रामसभा महरगांव में मंगलवार सुबह भारी बारिश के दौरान मलबा आने से एक मकान ढह गया। मलबे में दबने से एक दो वर्षीय बच्चे, वृद्धा और पुरुष की मौत हो गई। वहीं एक महिला को सुरक्षित बचा लिया गया।
ग्राम प्रधान अमित नेगी और राजस्व उपनिरीक्षक अमित कुमार ने बताया है कि मंगलवार सुबह पहाड़ी से मलबा आने से महरगांव निवासी धीरेंद्र सिंह के मकान की ऊपरी मंजिल ढह गई। मलबे में धीरेंद्र सिंह (48), उनकी मां मथुरा देवी (85), भाभी विदेश्वरी देवी और भतीजी रजनी का बेटा रुद्रांश (02) मलबे में दब गए। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने विदेश्वरी देवी को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया। कुछ देर बाद रुद्रांश और मथुरा देवी का शव मिल गया, जबकि देर शाम को धीरेंद्र का शव भी मिल गया।

हादसे के समय धीरेंद्र की पत्नी विधाता देवी और छोटा बेटा गौरव पास के दूसरे मकान में गए हुए थे। जबकि भतीजी रजनी सोमवार को ही अपने ससुराल बंदूण से मायके आई थी, घटना के वक्त वह कहीं गई हुई थी। धीरेंद्र का बड़ा बेटा सौरभ कोटद्वार में रहकर कोर्स कर रहा है। घटना की सूचना मिलने पर डीएम पौड़ी स्वाति एस भदौरिया, एसडीएम रेखा आर्य, सतपुली के नायब तहसीलदार जाहिद हुसैन और लैंसडौन के नायब तहसीलदार विद्यानंद सेमवाल ने मौके पर पहुंच जायजा लिया। वहीं, जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के तौर पर प्रत्येक मृतक के लिए चार-चार लाख रुपये और क्षतिग्रस्त भवन के लिए दो लाख रुपये की सहायता दी।



