अल्मोड़ानवीनतमहादसा

इलाज के दौरान लाइनमैन की मौत, शव लेकर बिजलीघर पहुंचे ग्रामीण; 11 घंटे धरना

ख़बर शेयर करें -

वेतन और ईएसआई कार्ड नहीं मिलने का आरोप, आर्थिक सहायता की मांग पर अधिकारियों व ठेकेदार ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा

अल्मोड़ा। सल्ट ब्लॉक के यूपीसीएल शशिखाल बिजलीघर में कार्यरत मुनढ़ा गांव निवासी लाइनमैन बलवंत सिंह (40) की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शनिवार को ग्रामीण शव लेकर शशिखाल बिजलीघर पहुंचे और शव रखकर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ ही वेतन और ईएसआई कार्ड उपलब्ध न कराने को लेकर अधिकारियों व ठेकेदार से जवाब मांगा। करीब 11 घंटे चले विरोध-प्रदर्शन के बाद अधिकारियों और ठेकेदार की ओर से परिवार को अधिकतम संभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।

Ad Ad

बताया गया कि बलवंत सिंह पिछले कई दिनों से बीमार थे। लॉपिंग के दौरान पैर में चोट लगने के बाद उसमें संक्रमण फैलने की बात सामने आई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह समुचित इलाज नहीं करा पा रहे थे। परिजनों के अनुसार बलवंत ने ठेकेदार से वेतन और ईएसआई कार्ड की मांग की थी, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिला और ईएसआई कार्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया। पत्नी सुमित्रा देवी की गुहार पर ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर शुक्रवार को उन्हें काशीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रात करीब साढ़े 11 बजे उनकी मौत हो गई।

शनिवार को शव शशिखाल बिजलीघर पहुंचने के बाद धरना शुरू हुआ। सूचना पर पुलिस और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रभारी अधिशासी अभियंता भास्कर पांडे और तहसीलदार आबिद अली ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, जबकि शाम करीब साढ़े चार बजे अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र सिंह कंवर भी मौके पर पहुंचे। ईई भास्कर पांडे ने कहा कि बीमारी से हुई मृत्यु पर विभाग में मुआवजे का प्रावधान नहीं है, हालांकि ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के सहयोग से परिजनों को अधिकतम आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।