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टनकपुर-बनबसा में आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की होगी मरम्मत, SDRF से ₹1.30 करोड़ स्वीकृत

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चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों के त्वरित पुनर्निर्माण एवं मरम्मत के निर्देशों के क्रम में जनपद चम्पावत के टनकपुर और बनबसा क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। प्राकृतिक आपदा और जलभराव से क्षतिग्रस्त आंतरिक सार्वजनिक मोटर मार्गों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) से 1 करोड़ 30 लाख 72 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशन में आयोजित जनपद स्तरीय मूल्यांकन एवं कार्यकारिणी समिति की बैठक में प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, चम्पावत की ओर से प्रस्तुत 18 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। SDRF के मानकों के अनुरूप समिति ने इन कार्यों को स्वीकृति प्रदान करने की संस्तुति की, जिसके बाद कुल 130.720 लाख रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई। स्वीकृत धनराशि में से 70 प्रतिशत यानी 91.504 लाख रुपये की पहली किश्त अवमुक्त कर दी गई है। शेष धनराशि कार्य की प्रगति और आवश्यक औपचारिकताओं के आधार पर नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी।

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गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

स्वीकृत कार्यों को लोक निर्माण विभाग की निर्धारित दरों एवं विशिष्टियों के अनुरूप गुणवत्तापूर्वक और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को कार्य शुरू करने से पहले संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही काम कराने तथा स्वीकृत धनराशि का निर्धारित मद में ही उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कार्यदायी संस्था को सड़क मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वीकृत धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए कार्य निर्धारित अवधि में पूरे किए जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके।

ग्रामीणों और आपात सेवाओं को मिलेगा लाभ

इन मार्गों के दुरुस्त होने से टनकपुर और बनबसा क्षेत्र के ग्रामीणों एवं स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी सुगम होगी। वर्षाकाल में प्राकृतिक आपदा और जलभराव के कारण प्रभावित होने वाले आंतरिक मार्गों का पुनर्निर्माण होने से सड़क संपर्क बेहतर होगा और लोगों की आवाजाही संबंधी परेशानियां कम होंगी। इसके अलावा, आवश्यक सेवाओं की पहुंच में सुधार के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति और गुणवत्ता की नियमित निगरानी संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी।