13 साल की बेटी पर शक, पिता ने दोस्त के साथ मिलकर रची हत्या की साजिश; शव गंगनहर में फेंकने का आरोप
रुड़की/मंगलौर: एक 13 साल की मासूम… जिस उम्र में उसे अपने माता-पिता की उंगली थामकर जिंदगी की राह समझनी थी, उसी उम्र में उसके लापता होने की कहानी अब कथित हत्या तक पहुंच गई है। हरिद्वार जिले के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने किशोरी की कथित हत्या के मामले में उसके पिता और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पिता को बेटी के किसी व्यक्ति से बातचीत करने का शक था। आरोप है कि इसी शक में उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर बेटी की हत्या कर दी और शव को गंगनहर में फेंक दिया। फिलहाल बच्ची का शव बरामद नहीं हुआ है। पुलिस गंगनहर में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
21 अगस्त को मां पहुंची थाने, बेटी के लापता होने की दी सूचना
मामले की शुरुआत 21 अगस्त को हुई, जब किशोरी की मां मंगलौर कोतवाली पहुंची। उसने अपनी 13 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। महिला ने अपने पति और एक अन्य व्यक्ति पर बेटी को घर से ले जाने के बाद वापस नहीं लाने का आरोप लगाया। शिकायत में महिला ने दोनों पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए। किशोरी की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और अलग-अलग पहलुओं से पड़ताल की। लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस के सामने जो कहानी सामने आई, उसने पूरे मामले को गुमशुदगी से कथित हत्या में बदल दिया।

बेटी के किसी से बात करने का था शक
पुलिस के अनुसार, किशोरी के पिता धनेश्वर उर्फ तोता को शक था कि उसकी बेटी किसी व्यक्ति से बातचीत करती थी। आरोप है कि पिता ने बेटी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने अपने दोस्त आशीष उर्फ धोल्ला के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बना ली। पुलिस का दावा है कि 27 जुलाई को दोनों आरोपी किशोरी को बाइक पर बैठाकर माता मंदिर के पास स्थित पुल पर ले गए। आरोप है कि वहां कपड़े से उसका गला घोंट दिया गया। इसके बाद दोनों ने शव को गंगनहर में फेंक दिया। घटना के बाद दोनों वहां से चले गए और मामले को छिपाने की कोशिश की गई।
पूछताछ में सामने आई कथित वारदात
पुलिस ने जांच के दौरान 22 अगस्त को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनेश्वर उर्फ तोता पुत्र मांगेराम और आशीष उर्फ धोल्ला पुत्र सुनील, दोनों निवासी ग्राम ब्रह्मपुर जट्ट, मंगलौर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों से घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। वहीं धनेश्वर के पास से 315 बोर का तमंचा बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। हालांकि, मामले की पूरी सच्चाई और घटनाक्रम की पुष्टि किशोरी का शव बरामद होने तथा अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गंगनहर में मासूम की तलाश
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोरी के शव को बरामद करना है। पुलिस टीम गंगनहर के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। नहर के पानी के तेज बहाव और लंबी दूरी के कारण शव की तलाश पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन कर रही है, ताकि शव बरामद कर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
पिता का आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच में आया सामने
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपी धनेश्वर का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से मारपीट, धमकी, चोरी, आबकारी अधिनियम और शस्त्र अधिनियम से जुड़े कई मामले दर्ज बताए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता किशोरी का शव बरामद करना, घटनास्थल और अन्य साक्ष्य जुटाना तथा हत्या के पीछे की पूरी कहानी को सामने लाना है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। बच्ची की मौत के पीछे बताए जा रहे शक और आरोपों की वास्तविकता भी जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

