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चम्पावत जिले में आंधी-तूफान का तांडव: मंदिर क्षतिग्रस्त, कई घरों की छतें उड़ीं और बिजली आपूर्ति ठप

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चम्पावत/लोहाघाट। चम्पावत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आए भीषण अंधड़ और तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई है। लोहाघाट, बाराकोट और आसपास के इलाकों में कुदरत के इस कहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आंधी के कारण जहां कई घरों की छतें उड़ गईं, वहीं ऐतिहासिक मंदिरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

बाराकोट के चामी चौमेल में रविवार दोपहर बाद आए भीषण अंधड़ से मां भगवती मंदिर परिसर को काफी क्षति पहुंची है। पूर्व ग्राम प्रधान प्रकाश महर के अनुसार, दो विशालकाय चीड़ के पेड़ गिरने से मंदिर का मुख्य गेट और रेलिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। पेड़ गिरने की वजह से मुख्य बिजली की केबल भी टूट गई, जिससे पूरे गांव में अंधेरा छा गया।

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बाराकोट के बिसराड़ी क्षेत्र में आंधी का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिला। यहां ग्रामीण सोनू नाथ और गंगा नाथ के मकान की छत उड़ गई। गनीमत रही कि सोनू नाथ की पत्नी और बच्चों ने समय रहते भागकर अपनी जान बचाई। पूर्व कनिष्ठ उप प्रमुख नंदा बल्लभ बगौली ने बताया कि टिन की छत उड़ने से घर के अंदर रखा सारा सामान, बिस्तर, खाने-पीने की सामग्री और बच्चों के कपड़े बारिश के पानी में भीगकर खराब हो गए हैं।

वहीं अंधड़ के कारण बिशुंग क्षेत्र में भी पेड़ गिरने और कई जगहों पर बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की खबरें हैं। लोहाघाट क्षेत्र में बिजली की लाइनें टूटने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। उप खंड अभियंता संजय भंडारी ने बताया है कि विभाग की टीमें युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटी हैं ताकि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू की जा सके।प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग की है।

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नवीन सिंह देउपा

नवीन सिंह देउपा सम्पादक चम्पावत खबर प्रधान कार्यालय :- देउपा स्टेट, चम्पावत, उत्तराखंड