हल्द्वानी वन प्रभाग में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को AI आधारित स्मार्ट कैमरा प्रणाली की पहल
टनकपुर/चम्पावत। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हल्द्वानी वन प्रभाग द्वारा टनकपुर क्षेत्र में नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य की सीमा के समीप के संवेदनशील गांवों के निकट एआई (Artificial Intelligence) आधारित स्मार्ट सोलर पावर्ड वाइल्डलाइफ डिटेक्शन कैमरा प्रणाली स्थापित करने की पहल की जा रही है।
नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के आसपास स्थित कई गांवों में समय-समय पर हाथी एवं अन्य वन्यजीवों की आवाजाही होती रहती है। जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना बनी रहती है। इन परिस्थितियों को देखते हुए हल्द्वानी वन प्रभाग द्वारा आधुनिक तकनीक आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

इस परियोजना के अंतर्गत स्थापित किए जाने वाले स्मार्ट सोलर एआई कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे, जिनकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं —
- एआई आधारित वन्यजीव पहचान प्रणाली- कैमरा में स्थापित कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली विशेष रूप से हाथी जैसे बड़े वन्यजीवों की पहचान करने में सक्षम होगी।
- रात्रि दृष्टि (Night Vision) सुविधा- यह कैमरा दिन एवं रात दोनों समय गतिविधियों को रिकॉर्ड करने में सक्षम होगा।
- स्वचालित सायरन प्रणाली- जैसे ही कैमरा किसी वन्यजीव की गतिविधि को पहचानता है, उससे जुड़ा उच्च क्षमता वाला सायरन स्वतः सक्रिय हो जाएगा, जिससे आसपास के ग्रामीणों को तत्काल चेतावनी मिल सकेगी तथा वन्यजीव को गांव की ओर बढ़ने से रोका जा सकेगा।
- वन अधिकारियों को तत्काल सूचना- कैमरा द्वारा ली गई तस्वीरें और अलर्ट मोबाइल ऐप या व्हाट्सएप के माध्यम से तुरंत वन विभाग के अधिकारियों एवं प्रभागीय कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम को प्राप्त होंगे, जिससे वन कर्मियों को शीघ्र कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।
- सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली- यह पूरी व्यवस्था 150 वॉट के सोलर पैनल और बैटरी प्रणाली पर आधारित होगी, जिससे यह दूरस्थ वन क्षेत्रों में भी बिना किसी बाहरी बिजली आपूर्ति के लगातार कार्य कर सकेगी।
- स्थानीय एआई प्रोसेसिंग (Edge Processing)- कैमरा में ही डेटा प्रोसेसिंग की सुविधा होने से यह प्रणाली कम इंटरनेट निर्भरता के साथ भी प्रभावी रूप से कार्य कर सकेगी।
- घटनाओं का रिकॉर्ड एवं दस्तावेजीकरण- कैमरा द्वारा इवेंट-आधारित रिकॉर्डिंग की जाएगी, जिससे भविष्य में वन्यजीवों की गतिविधियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सकेगा।
मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन में नई पहल
यह पहल मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए AI तकनीक आधारित प्रबंधन का एक अभिनव प्रयोग है। प्रारंभिक चरण में इस प्रणाली को नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के आसपास के संवेदनशील गांवों में स्थापित किया जाएगा।
इस प्रणाली के माध्यम से— वन्यजीवों की गतिविधि का समय रहते पता चल सकेगा। ग्रामीणों को तत्काल चेतावनी मिल सकेगी। वन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी। वन्यजीवों तथा मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगीवन विभाग का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से मानव और वन्यजीवों के बीच सहअस्तित्व (Coexistence) को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हल्द्वानी वन प्रभाग द्वारा उठाया गया यह कदम मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल माना जा रहा है।

