लोहाघाट बाईपास निर्माण: पूर्व न्यायमूर्ति एके सीकरी ने किया पर्यावरणीय नुकसान का आकलन
लोहाघाट/चम्पावत। चार धाम परियोजना के तहत लोहाघाट में प्रस्तावित बाईपास निर्माण को लेकर हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में, शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति एके सीकरी ने स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के अधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र का निरीक्षण किया।
पूर्व न्यायमूर्ति सीकरी के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित बाईपास निर्माण से पर्यावरण और पेड़ों को होने वाले संभावित नुकसान का सटीक आकलन करना था। उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और एनएच के अधिकारियों से इस पूरी योजना की विस्तृत जानकारी ली। एनएच के इंजीनियर दीपक जोशी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह बाईपास लोहाघाट के देवराड़ी बैंड से लेकर राईकोट महर तक प्रस्तावित है। योजना के अंतर्गत डेंसली से लेकर राईकोट महर तक एक सुरंग (टनल) का निर्माण भी प्रस्तावित है। लोहाघाट बाईपास का भविष्य अब पूर्व न्यायमूर्ति एके सीकरी द्वारा सौंपी जाने वाली जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। इस रिपोर्ट के आने के बाद ही निर्माण कार्य को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पूर्व न्यायमूर्ति के लोहाघाट आगमन पर एडीएम चम्पावत कृष्णनाथ गोस्वामी और एनएच के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान एनएच के चीफ इंजीनियर मुकेश परमार, रिजनल ऑफिसर पंकज सिंह, एसई हरीश पांगती और अधिशासी अभियंता दीपक जोशी सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

