दो साल बाद अरेस्ट हुआ सड़क हादसे का आरोपी, मां ने खुद जुटाए थे सबूत, पुलिस कर चुकी थी केस बंद
देहरादून में एक मां अपने बेटे को इंसाफ दिलाने में कामयाब हो गई. बेटे की दो साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी

देहरादून। पुलिस की लापरवाही और ‘क्लोजर रिपोर्ट’ पर एक माँ का इंसाफ भारी पड़ा। देहरादून में दो साल पहले हुए एक सड़क हादसे के आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह कामयाबी खाकी की नहीं, बल्कि उस माँ की है जिसने हार नहीं मानी। जब पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए, तो माँ ने खुद जासूस बनकर सबूत इकट्ठा किए और अपने मृत बेटे को इंसाफ दिलाया।

19 फरवरी 2024 को ललिता चौधरी पत्नी अशोक चौधरी निवासी कर्जन रोड डालनवाला ने देहरादून पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में ललिता चौधरी ने बताया कि प्रेम नगर थाना क्षेत्र में उनका 18 साल का बेटा क्षितिज चौधरी अज्ञात डंपर की चपेट में आ गया था। इस सड़क हादसे में क्षितिज चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। ललिता चौधरी ने डंपर के ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
इस मामले में पुलिस ने ललिता चौधरी की तहरीर पर प्रेम नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। लेकिन काफी समय बाद भी जब पुलिस के हाथ कुछ नहीं आया तो पुलिस ने न्यायालय में फाइनल रिपोर्ट प्रेषित की थी। यहीं से ललिता चौधरी की अपने बेटे को इंसाफ दिलाने की लड़ाई शुरू हुई। ललिता चौधरी ने हार नहीं मानी और खुद ही अपने बेटे को इंसाफ दिलाने की ठानी और उस अज्ञात डंपर की जानकारी जुटाई। करीब दो सालों तक सड़कों की खाक छानने के बाद ललिता चौधरी के हाथ कई सबूत आए। इसके बाद ललिता चौधरी, देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के पास गई और उन्हें सबूतों के साथ एक प्रार्थना पत्र दिया। ताकि दोबारा से मामले की जांच शुरू हो सके।

देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने नए सबूतों के आधार पर दोबारा से मामले की जांच शुरू करने के आदेश दिए। मामले की गंभीरता व प्रकरण के न्यायालय के समक्ष लम्बित होने के मद्देनजर एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक प्रेम नगर को मुकदमें की पुनर्विवेचना के लिए न्यायालय में आवेदन करने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर प्रेमनगर पुलिस और पीड़िता ने न्यायालय के समक्ष किए गया आवेदन पर न्यायालय द्वारा अभियोग की पुनर्विवेचना के आदेश दिए गए।

मुकदमे की दोबारा विवेचना के आदेश मिलने के बाद थाना प्रेमनगर में पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल वाहन और संदिग्धों के सम्बन्ध में जानकारियां जुटाई। इसी आधार पर पुलिस उस वाहन तक पहुंची, जिससे क्षितिज चौधरी की मौत हुई थी। इसके बाद पुलिस वाहन संख्या यूके-07-सीबी-6929 को कब्जे में लिया। इसके बाद ही पुलिस ने आरोपी तक पहुंची और दल बहादुर नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया है कि आरोपी ने पूछताछ में कहा कि उसने सड़क हादसे की जानकारी वाहन मालिक को दे दी थी। इस घटना के कुछ दिन बाद मालिक ने उसे किसी और वाहन पर किसी अन्य जगह भेज दिया था। इस मामले में पुलिस एक और आरोपी के गिरफ्तार के पास कर रही है।

