उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत
चोपता-तुंगनाथ में मौसम बना काल, वज्रपात की चपेट में आए दो सगे भाई, रेस्क्यू अभियान में 45 से अधिक पर्यटक सुरक्षित निकाले गए
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप धारण कर लिया। जिससे कई पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ गई। तेज आंधी, तूफान और वज्रपात के बीच चंद्रशिला क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में लखनऊ के दो सगे भाइयों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य पर्यटक घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन, आपदा प्रबंधन और राहत एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को शुक्रवार शाम डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में अचानक मौसम खराब हो गया है। तेज तूफान और भारी बारिश के कारण कई पर्यटक ट्रैकिंग मार्गों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन ने डीडीआरएफ, एसडीआरएफ और 108 एंबुलेंस सेवा की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया। खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद राहत दलों ने तेजी से अभियान शुरू किया।
बचाव दल के पहुंचने से पहले चंद्रशिला क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने की घटना हुई। इसकी चपेट में आने से लखनऊ निवासी 19 वर्षीय अभिनव वाजपेयी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल उसके बड़े भाई 22 वर्षीय अभिषेक वाजपेयी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसकी भी जान नहीं बच सकी। एक ही परिवार के दो युवकों की मौत की खबर ने जहां परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है वहीं इस घटना से पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों का भी चिंतित होना लाजिमी है। कुल मिलाकर प्रकृति का दीदार करने उत्तराखंड पहुंचे परिवार के लिए यह यात्रा जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन गई।
हादसे में उन्नाव निवासी 25 वर्षीय शुभम शुक्ला समेत राजन मिश्रा और नीव मिश्रा घायल हो गए। राहत दलों ने उन्हें सुरक्षित निकालकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया। डीडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने कठिन परिस्थितियों के बीच साहसिक अभियान चलाते हुए 45 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। कई लोगों को ट्रैकिंग मार्गों और पहाड़ी ढलानों से निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों, ट्रैकिंग रूट और खुले पहाड़ी इलाकों में जाने से बचना चाहिए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
चोपता-तुंगनाथ और चंद्रशिला क्षेत्र इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। ऐसे समय में मौसम के अचानक बदलते मिजाज ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत को रेखांकित कर दिया है। फिलहाल मृतकों के शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेज दिया गया है। वहीं प्रशासन पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

