जंगल की आग की चपेट में आने से महिला की मौत
जंगल में लगी आग गोशाला तक पहुंच गई, जिसकी चपेट में आने से महिला गंभीर रूप से झुलस गई और उन्होंने दम तोड़ दिया
गैरसैंण/चमोली। चमोली जिले के गैरसैंण विकासखंड के आदिबदरी तहसील के बूंगा गांव निवासी 51 वर्षीय सुरेशी देवी की जंगल की आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। रेंजर ने महिला की मौत की पुष्टि की है। साथ ही बताया कि क्षेत्र में आग पर काबू पा लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, 26 मई मंगलवार देर शाम लगभग 7 बजे के आसपास बूंगा गांव की सुरेशी देवी अपनी गोशाला जा रही थी। इस दौरान जंगल में लगी आग उनकी गोशाला तक पहुंच गई। जिसकी चपेट में आने से वो गंभीर रूप से झुलस गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। चौकी प्रभारी आदिबदरी अनिल आगरी ने जानकारी देते हुए बताया है कि आदिबदरी के बूंगा गांव के जंगल में आग लगी हुई थी और तेज आंधी तूफान के कारण आग सुरेशी देवी के गोशाला तक पहुंच गई। जिसकी चपेट में आने से 51 वर्षीय सुरेशी देवी गंभीर रूप से झुलस गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। चौकी प्रभारी ने बताया कि पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है।
धनपुर रेंज गौचर के रेंजर नवल किशोर नेगी ने बताया है कि देर रात ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना दी गई थी। सूचना पर तुरंत वनकर्मियों को रवाना किया गया। बताया कि किसी अज्ञात द्वारा बूंगा वन पंचायत में आग लगाई गई थी। तेज आंधी तूफान के कारण आग गोशाला के नजदीक तक पहुंच गई। जिसे बुझाने के दौरान महिला आग की चपेट में आ गई। बताया कि ग्रामीणों द्वारा महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था। इस दौरान महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. उनके द्वारा मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटना को लेकर ग्राम प्रधान बूंगा नरेंद्र सिंह ने बताया है कि, बगल के गांव ढमकर के जंगल में लगी आग तेज आंधी तूफान के चलते उनके गांव ग्राम पंचायत बूंगा तक पहुंच गई थी। इस दौरान बूंगा गांव से लगभग एक किलोमीटर ऊपर आठ से दस परिवार निवास करते हैं। जो उनके घरों के नजदीक पहुंच चुकी आग को बुझाने गए थे। इस दौरान महिला भी आग बुझाते वक्त तेज आंधी तूफान के चलते फैली आग की चपेट में आ गई और इस भयानक हादसे का शिकार हो गई। महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। बताया कि उनके पति मगनलाल बीमार हैं और घर पर ही रहते हैं। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा दिल्ली और एक बेटा गौचर में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। उन्होंने सरकार व वन विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व चमोली जिले के बिरही क्षेत्र में जंगलों में लगी भीषण आग एक परिवार के लिए काल साबित हुई थी। आग बुझाने के दौरान एक फायर वॉचर की चट्टान से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई थी। जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया था।

