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धामी कैबिनेट के 15 बड़े फैसले: गौ पालन योजना का दायरा बढ़ा, 7 तारीख तक वेतन भुगतान अनिवार्य

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हाईकोर्ट नैनीताल को हल्द्वानी लामाचौड़ में 30 हेक्टेयर जमीन मिलेगी, उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विवि हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने श्रमिकों के हितों, गौ पालन, खेल, पर्यटन, न्यायिक ढांचे और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई अहम निर्णय लिए। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि अब प्रदेश की गौ पालन योजना का लाभ सामान्य वर्ग के लोगों को भी मिलेगा। इसके अलावा श्रमिकों को हर माह की 7 तारीख तक वेतन भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है।

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कैबिनेट के प्रमुख फैसले

  • गौ पालन योजना का दायरा बढ़ा: अब सामान्य वर्ग के लोग भी योजना का लाभ ले सकेंगे। योजना के तहत अधिकतम दो पशुओं की खरीद पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी।
  • मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 को मंजूरी: सभी श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य होगा। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा तथा पुरुष और महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा।
  • हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर का रास्ता साफ: लामाचौड़ में उपलब्ध वन भूमि में से लगभग 30 हेक्टेयर भूमि हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने को मंजूरी मिली।
  • राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 पद स्वीकृत: गौलापार, हल्द्वानी में बन रहे उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय के संचालन हेतु 122 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
  • समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों के लिए नई नियमावली: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के संचालन हेतु नियमावली-2026 को स्वीकृति मिली।
  • जल जीवन मिशन: केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप ग्रामीण पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने के प्रोटोकॉल को मंजूरी।
  • गंगा एक्सप्रेस-वे विस्तार: मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच एमओयू (MoU) को मंजूरी मिली।
  • औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 लागू: श्रमिकों और उद्योगों के बीच विवादों के त्वरित समाधान, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने तथा छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने संबंधी प्रावधान शामिल किए गए।
  • वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली: स्केलर भर्ती के लिए 100 अंकों की परीक्षा का प्रावधान किया गया।
  • ईको टूरिज्म को बढ़ावा: मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) की संरचना में संशोधन कर राज्य में ईको टूरिज्म परियोजनाओं को गति देने का निर्णय लिया गया।
  • उत्तराखंड जीएसटी संशोधन अध्यादेश को मंजूरी देकर केंद्र के संशोधित प्रावधानों के अनुरूप राज्य के कानून में बदलाव किया गया।
  • उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन कर अब कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति भी सहकारी समिति का सदस्य बन सकेगा।
  • बंगाली मूल के अनुसूचित जाति सहायता कोष नियमावली में संशोधन कर संचालन समिति में संबंधित समुदाय के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया गया।

कैबिनेट के इन फैसलों का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, खेल एवं पर्यटन के क्षेत्र में निवेश बढ़ाना तथा प्रदेश में आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।