चम्पावत : नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास
चम्पावत। विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने करीब डेढ़ साल पुराने पोक्सो मामले में आरोपी नरेश कश्यप (24), निवासी टनकपुर को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों तथा दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाया।
अभियोजन के अनुसार, मार्च 2025 में टनकपुर कोतवाली में वादिनी ने तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग पोती घर से बाजार से सामान लेने की बात कहकर निकली थी, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि आरोपी नरेश कश्यप कथित तौर पर नाबालिग पर शादी करने का दबाव बनाता था। इसके बाद वादिनी ने आशंका जताई कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
तहरीर के आधार पर टनकपुर कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 87, 65 और 137(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

