मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बड़ी सौगात: माँ पूर्णागिरि धाम तक अब रोशनी से जगमगाएगा यात्रा मार्ग
₹2 करोड़ की प्रथम किश्त स्वीकृत, 1500 आधुनिक स्ट्रीट लाइटों से सुसज्जित होगा पूर्णागिरि मार्ग

टनकपुर/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत स्थित विश्वप्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि धाम यात्रा मार्ग के विकास हेतु बड़ी सौगात दी है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने माँ पूर्णागिरि यात्रा मार्ग स्थित टनकपुर के ककराली गेट से माँ पूर्णागिरि धाम तक पथ प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्वीकृत योजना के सापेक्ष ₹2 करोड़ की प्रथम किश्त की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूर्ण होने के बाद सम्पूर्ण यात्रा मार्ग आधुनिक स्ट्रीट लाइटों से जगमगा उठेगा, जिससे श्रद्धालुओं को रात्रिकालीन आवागमन में बड़ी सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। यह परियोजना मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 688/2024 के अंतर्गत संचालित की जा रही है। योजना के तहत ककराली गेट से भैरव मंदिर होते हुए मुख्य मंदिर तक व्यापक विद्युत एवं पथ प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी।

तकनीकी जानकारी देते हुए यूपीसीएल के एसडीओ संजय भंडारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत 0.650 किलोमीटर 11 केवी लाइन, 20 किलोमीटर एलटी ओवरहेड लाइन तथा 4.5 किलोमीटर भूमिगत एलटी लाइन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए 25 केवीए क्षमता के 05 तथा 63 केवीए क्षमता के 03 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। परियोजना पूर्ण होने पर पूरे यात्रा मार्ग में कुल 1500 अत्याधुनिक स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएंगी। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी औपचारिक प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करते हुए कार्य को निर्धारित अवधि में धरातल पर उतारा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन, व्यापार एवं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। साथ ही माँ पूर्णागिरि यात्रा मार्ग वर्षभर सुरक्षित एवं व्यवस्थित संचालन के लिए और अधिक सक्षम बन सकेगा।

