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टनकपुर में अवैध सागौन लकड़ी मामले का फरार आरोपी गिरफ्तार, बीएनएस और वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

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टनकपुर/चम्पावत। वन विभाग की टीम ने टनकपुर में अस्पताल रोड के पास एक टाल से भारी मात्रा में बरामद हुई अवैध लकड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। कल वन कर्मियों को चकमा देकर फरार हुए मुख्य आरोपी जगदीश चंद्र तिवारी को आज, 7 जून को वन विभाग ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद विभाग ने आरोपी को स्थानीय कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब वन विभाग की हल्द्वानी प्रभाग की टीम ने टनकपुर अस्पताल रोड के पास स्थित एक टाल पर छापेमारी की। विभागीय टीम ने वहां जमीन के भीतर छुपाकर रखे गए सागौन के 63 अवैध लट्ठे बरामद किए। प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि इस बरामदगी के बाद आरोपी जगदीश चंद्र तिवारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को बीते कल ही वन विभाग की टीम ने दबोच लिया था। इसके बाद उसके खिलाफ वन अधिनियम की धारा 26, 41, 42 एवं 52 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया। हालांकि, जब वन कर्मी उसे मेडिकल (स्वास्थ्य परीक्षण) के लिए ले जा रहे थे, तभी वह टीम को चकमा देकर मौके से फरार हो गया था।

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आरोपी के फरार होने के बाद वन विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसकी तलाश शुरू की और आज उसे टनकपुर हाईवे से दोबारा धर-दबोचा। आज, 7 जून को कोतवाली में आरोपी के खिलाफ हिरासत से भागने के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत एक और मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया कि आरोपित को टनकपुर हाईवे से दबोचा गया है। उससे हुई पूछताछ में कई राज खुले हैं, जिसकी तस्दीक कराई जा रही है। छापे में जमीन में गाड़कर छुपाए गए 63 से अधिक सागौन के लट्ठे बरामद किए जा चुके हैं। जिसके बाद पकड़े गए टाल स्वामी आरोपी जगदीश चन्द्र तिवारी के खिलाफ 26 वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। डीएफओ ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी टाल स्वामी मां पूर्णागिरि धाम का प्रमुख पुजारी है। डीएफओ का कहना है कि मामले की जांच जारी है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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