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नर्सिंग भर्ती विवाद पर मंत्री सुबोध उनियाल के घर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, आत्महत्या के प्रयास के बाद बढ़ा सियासी बवाल

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देहरादून में नर्सिंग भर्ती विवाद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। एक महिला अभ्यर्थी के आत्महत्या के प्रयास के बाद महिला कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को उस समय और गहरा गया, जब आंदोलनरत एक महिला अभ्यर्थी द्वारा आत्महत्या के प्रयास की खबर सामने आई। अभ्यर्थी को गंभीर हालत में दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

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घटना के बाद महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के सरकारी आवास पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नर्सिंग भर्ती मामले में तत्काल हस्तक्षेप और अभ्यर्थियों की मांगों पर निर्णय लेने की मांग की। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने ज्योति रौतेला सहित कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मौके से हटाया।

दरअसल, नर्सिंग भर्ती को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों का एक वर्ग सीनियरिटी के आधार पर नियुक्ति की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि पहले सरकार ने वर्ष 2013 तक के अभ्यर्थियों को सीनियरिटी के आधार पर नियुक्ति का लाभ दिया था, इसलिए बाद के अभ्यर्थियों के लिए भर्ती का आधार बदलना न्यायसंगत नहीं है।

वहीं, सरकार का पक्ष है कि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने के लिए भर्ती परीक्षा को आधार बनाया गया है। हालांकि आंदोलनकारी इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं और समान परिस्थितियों में सभी अभ्यर्थियों को सीनियरिटी का लाभ देने की मांग पर अड़े हैं।

एक आंदोलनकारी अभ्यर्थी किरण ने कहा कि जब पहले सीनियरिटी के आधार पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं तो बाद के अभ्यर्थियों के लिए नियम बदलना उचित नहीं है। इसी मांग को लेकर नर्सिंग अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।

महिला अभ्यर्थी के आत्महत्या के प्रयास के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है। आंदोलनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल, सरकार के सामने नर्सिंग भर्ती विवाद का स्थायी समाधान निकालने की चुनौती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि वर्ष 2013 के बाद के अभ्यर्थियों की भर्ती किस आधार पर होगी और क्या सरकार सीनियरिटी की मांग पर पुनर्विचार करेगी या परीक्षा आधारित भर्ती प्रक्रिया को ही जारी रखेगी।