ककनई इंटर कॉलेज जाने वाले बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर प्रशासन ने स्थिति की स्पष्ट
बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन गंभीर, ककनई में 13 लाख की लागत से पूर्व में ही बनाई जा चुकी है पैदल पुलिया
चम्पावत। जनपद के दूरस्थ क्षेत्र बुंगा दुर्गापीपल तोक से ककनई इंटर कॉलेज तक छात्र-छात्राओं के आवागमन को लेकर मीडिया में प्रकाशित खबर के संबंध में जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। खंड शिक्षा अधिकारी भारत जोशी ने बताया कि बच्चों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत ककनई के तलाई गधेरे में महत्वाकांक्षी ज्ञान सेतु अभियान के तहत करीब 13 लाख रुपये की लागत से पैदल पुलिया का पुनर्निर्माण पूर्व में ही कराया जा चुका है। यह पुलिया वर्तमान में आवागमन के लिए उपलब्ध और सुरक्षित मार्ग है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उक्त कार्य ज्ञान सेतु अभियान के माध्यम से कराया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचने के लिए नदी अथवा गधेरे के दुर्गम और जोखिमपूर्ण हिस्सों से होकर जाने की आवश्यकता नहीं है। प्रधानाचार्य गणेश सिंह एवं स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ छात्र-छात्राएं करीब एक किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए निर्धारित सुरक्षित मार्ग के बजाय शॉर्टकट रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। बरसात के दौरान गधेरे और नदी का जलस्तर बढ़ने पर इन रास्तों से आवागमन करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
खंड शिक्षा अधिकारी भारत जोशी ने छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में केवल निर्धारित एवं सुरक्षित मार्ग का ही प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अनावश्यक रूप से दुर्गम रास्तों, नदी-नालों अथवा ऐसे मार्गों से आवागमन न करें, जो सुरक्षित आवागमन के लिए निर्धारित नहीं हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को सुरक्षित मार्ग से ही विद्यालय आने-जाने के लिए प्रेरित करने की अपील की, ताकि बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

