उत्तराखंड में SIR के बाद 9.31 लाख नाम कटे, अब पात्र मतदाताओं के लिए लगेंगे विशेष कैंप
7 अक्टूबर से महीनेभर चलेगा अभियान, बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन; छूटे हुए मतदाताओं से भरवाया जाएगा फॉर्म-6
देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। सूची के अनुसार प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 71 लाख 58 हजार 949 रह गई है। वहीं, पुनरीक्षण अभियान के दौरान 9.31 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। अब ऐसे लोगों में शामिल पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने के लिए निर्वाचन विभाग विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत 7 अक्टूबर से प्रदेशभर में एक महीने तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की स्थिति का सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहरे पंजीकरण वाले और अन्य कारणों से अपात्र श्रेणी में दर्ज मतदाताओं की स्थिति की जांच करना है। अभियान के दौरान पात्र पाए जाने वाले लोगों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरने में मदद दी जाएगी।
8.26 लाख से अधिक मतदाता ASDD श्रेणी में
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 8 लाख 26 हजार 977 मतदाताओं को एएसडीडी (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) श्रेणी में रखा गया है, जबकि 97 हजार 186 मतदाता इनएलिजिबल श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। विशेष कैंप के दौरान इन दोनों श्रेणियों में शामिल लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी। सत्यापन में पात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों के आवेदन लेकर उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुरानी और नई मतदाता सूची का होगा मिलान
अभियान के तहत बीएलओ एसआईआर से पहले की मतदाता सूची और वर्तमान सूची का मिलान करेंगे। इस दौरान उन मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा, जिनके नाम पुरानी सूची में दर्ज थे, लेकिन नई सूची में शामिल नहीं हैं। इसके बाद बीएलओ संबंधित मतदाताओं के घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे। पात्र पाए जाने पर उन्हें फॉर्म-6 भरने में सहायता दी जाएगी। निर्वाचन विभाग ने पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और किसी कारणवश सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित रह गए लोगों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट भी होंगे शामिल
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ साझा की जाएगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अभियान में सहयोग करने और बीएलओ के साथ घर-घर जाकर सत्यापन प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की गई है। अभियान के अंतिम चरण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) भी बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने का अवसर मिल सके।
बेघर और मजदूरों के लिए भी लगेंगे कैंप
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा रैन बसेरों, श्रमिक कॉलोनियों और उन स्थानों पर भी कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां बेघर और समाज के वंचित वर्गों के लोग रहते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए।
ऑनलाइन भी देख सकते हैं मतदाता सूची
अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम देखने के लिए नागरिक भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.voters.eci.gov.in या उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर जा सकते हैं। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के कार्यालयों और संबंधित बीएलओ से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जिन पात्र नागरिकों के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 भरकर नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन या संबंधित बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन जमा किया जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने 29 सितंबर को विशेष कैंप आयोजित करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। प्रदेश में एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के दौरान एएसडीडी और इनएलिजिबल श्रेणियों में शामिल लोगों की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपने बूथ लेवल एजेंटों को इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए भेजने की अपील की है, ताकि सत्यापन को पारदर्शी बनाया जा सके और पात्र मतदाता सूची में शामिल हो सकें।

