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मॉरीशस में उत्तराखंड का युवक लापता, समुद्र तट पर ले जाने का आरोप; बहन ने जताई साजिश की आशंका

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अल्मोड़ा के धर्मेंद्र बिष्ट 27 सितंबर से लापता, परिजनों ने उठाए सवाल; केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग से मांगी मदद

देहरादून। विदेश में नौकरी कर परिवार का सहारा बने उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवक धर्मेंद्र बिष्ट के मॉरीशस में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने से परिजन परेशान हैं। धर्मेंद्र 27 सितंबर 2026 से लापता बताए जा रहे हैं। परिजनों ने उनके साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द तलाश की मांग की है। मामला सामने आने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री और अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा ने विदेश मंत्रालय तथा मॉरीशस स्थित भारतीय उच्चायोग से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।

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धर्मेंद्र बिष्ट मूल रूप से अल्मोड़ा जिले की द्वाराहाट तहसील के कुंथाड़ी गांव के निवासी हैं। उनकी बहन हेमा रौतेला देहरादून में रहती हैं। परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र मार्च 2025 से मॉरीशस में नौकरी कर रहे थे और वहां मोका स्थित बागाटेला मॉल के एक थाई फूड रेस्तरां में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।

चार युवकों के साथ समुद्र तट पर जाने की जानकारी

हेमा रौतेला के मुताबिक, 28 सितंबर की सुबह उनके पति को मॉरीशस से फोन आया कि धर्मेंद्र एक दिन पहले, 27 सितंबर की शाम करीब पांच बजे से लापता हैं। बहन का दावा है कि धर्मेंद्र ने उस दिन छुट्टी की कोई योजना नहीं बनाई थी और न ही कार्यालय में अवकाश के लिए आवेदन दिया था।

हेमा के अनुसार, धर्मेंद्र के कमरे पर चार युवक उनसे मिलने पहुंचे थे। परिजनों को मिली जानकारी के मुताबिक, ये युवक उन्हें समुद्र तट पर स्थित पॉइंट नेचुरल नामक स्थान पर ले गए थे। हेमा ने आयुष बिष्ट, गौरव मेहता, भूपेंद्र राणा और राहुल राणा के नाम लेते हुए आरोप लगाया कि धर्मेंद्र इनमें से केवल आयुष को जानते थे। अन्य तीन युवकों से उनकी ज्यादा पहचान नहीं थी। परिजनों का कहना है कि इसके बाद धर्मेंद्र के समुद्र तट से लापता होने की जानकारी मिली। हालांकि, घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि और लापता होने की परिस्थितियों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

मोबाइल और कपड़े दूसरे व्यक्ति के पास मिलने पर उठाए सवाल

हेमा रौतेला ने दावा किया है कि धर्मेंद्र का मोबाइल फोन और कपड़े आयुष बिष्ट के पास से मिले हैं। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाते हुए घटना की परिस्थितियों की गहन जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उन्हें एक वीडियो भी मिला है, जिसकी जांच कराई जानी चाहिए।

हेमा ने कुछ युवकों के साथ-साथ रेस्तरां प्रबंधन पर भी सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कंपनी की ओर से उन्हें अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। परिवार को यह भी जानकारी नहीं है कि मॉरीशस में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है या नहीं।

परिजनों ने घटना में साजिश की आशंका जताई है, लेकिन फिलहाल किसी आपराधिक कृत्य या आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अजय टम्टा ने विदेश मंत्रालय से मांगा हस्तक्षेप

धर्मेंद्र के लापता होने का मामला केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा के संज्ञान में भी पहुंचा है। मंत्री के अनुसार, परिजनों ने उनसे संपर्क कर शिकायत पत्र सौंपा था। इसके बाद उनके कार्यालय ने विदेश मंत्रालय को आधिकारिक ईमेल और पत्र भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया।

अजय टम्टा ने बताया कि नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय और मॉरीशस में भारतीय उच्चायोग से धर्मेंद्र की तलाश में आवश्यक सहयोग करने को कहा गया है। उन्होंने नई दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा से भी बात कर मामले पर नजर बनाए रखने का अनुरोध किया है।

मंत्री के मुताबिक, विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग मॉरीशस के स्थानीय पुलिस-प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता धर्मेंद्र की तलाश सुनिश्चित करना है। यदि जांच में किसी साजिश या आपराधिक पहलू के साक्ष्य सामने आते हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

परिवार ने सरकार से लगाई जल्द तलाश की गुहार

धर्मेंद्र के परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा और केंद्र सरकार से मामले में प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार चाहता है कि उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच कर धर्मेंद्र का पता लगाया जाए तथा घटना से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आएं।

विदेश में नौकरी कर रहे उत्तराखंड के युवक के अचानक लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। अब परिजनों को मॉरीशस के स्थानीय प्रशासन, भारतीय उच्चायोग और विदेश मंत्रालय की कार्रवाई से धर्मेंद्र की तलाश के संबंध में ठोस जानकारी मिलने का इंतजार है।