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मानसून से पहले चम्पावत में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन तैयारियों का हुआ परीक्षण

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चम्पावत। मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को जनपद चम्पावत में राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर में आयोजित मॉक ड्रिल की समीक्षा कर अधिकारियों को मानसून अवधि में पूर्ण सतर्कता और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि जिले के पांच संवेदनशील स्थलों पर बाढ़, भूस्खलन, मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क अवरुद्ध होने जैसी संभावित आपदा स्थितियों पर आधारित अभ्यास कराया गया। शारदा नदी तटीय क्षेत्र, बाटनागाड़, बाराकोट बाजार, संतोला और धौन में विभिन्न विभागों ने राहत एवं बचाव, सुरक्षित निकासी, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सहायता, सड़क बहाली तथा आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता का सफल प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभागों को मानसून के दौरान संसाधन, मशीनरी, राहत सामग्री और संचार व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। मॉक ड्रिल में पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, वन, सिंचाई, विद्युत, राजस्व तथा अन्य विभागों ने संयुक्त रूप से भाग लेकर आपदा प्रबंधन की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया।

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जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मानसून अवधि में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को संसाधनों, मशीनरी, राहत सामग्री, संचार व्यवस्था तथा मानव संसाधन को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से विभागों के बीच समन्वय और आपदा से निपटने की क्षमता और अधिक सुदृढ़ होती है, जिससे आपदा के समय जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है।

मॉक ड्रिल में पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निकायों सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र सिंह पटवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेश चौहान, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ वसुंधरा गर्ब्याल, ईई लोनिवि मोहन पलड़िया, ईई एसडीओ वन नेहा चौधरी, ईई यूपीसीएल विजय सकारिया सहित एस डी आर एफ, एसएस बी, पुलिस के अधिकारी व अन्य उपस्थित रहे।