पिथौरागढ़ सम्मेलन में अनुशासनहीनता पर कांग्रेस का बड़ा एक्शन, तीन नेताओं को नोटिस, जिला महिला कांग्रेस कार्यकारिणी भंग
देहरादून/पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में आयोजित कांग्रेस के ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ के दौरान सामने आई गुटबाजी और अनुशासनहीनता पर पार्टी नेतृत्व ने सख्त कार्रवाई की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सम्मेलन के दौरान हुई घटनाओं को गंभीर मानते हुए तीन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही, पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस की पूरी जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित सम्मेलन के दौरान पार्टी नेता महेंद्र सिंह लुंठी, दीपक और जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी ने मंच से अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार किया। इसे संगठन ने गंभीरता से लेते हुए तीनों नेताओं से तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को अपनी बात रखनी थी तो उसके लिए पार्टी के संगठनात्मक मंच उपलब्ध थे, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में इस प्रकार का व्यवहार अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। प्रदेश कांग्रेस के अनुसार तीनों नेताओं के जवाब मिलने के बाद मामला पार्टी की अनुशासन समिति को भेजा जाएगा। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

जिला महिला कांग्रेस कार्यकारिणी तत्काल प्रभाव से भंग
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महिला कांग्रेस ने भी बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि पिथौरागढ़ में आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी द्वारा पार्टी मंच पर गंभीर अनुशासनहीनता की गई।
इसी के मद्देनजर संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस की पूरी जिला कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।

क्या था पूरा मामला?
मंगलवार को पिथौरागढ़ में आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी ने अपने संबोधन में नगर निकाय चुनाव के दौरान टिकट वितरण और पार्टी विरोधी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए विधायक मयूख महर पर परोक्ष रूप से निशाना साधा।
इससे नाराज होकर विधायक मयूख महर मंच से उठकर अपने समर्थकों के साथ सभागार से बाहर चले गए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पंत ने माहौल संभालने की कोशिश की और भावना नगरकोटी से संबोधन समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने अपना भाषण जारी रखा।
स्थिति बिगड़ती देख प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी हस्तक्षेप करने पहुंचे, लेकिन तब तक विधायक कार्यक्रम का बहिष्कार कर चुके थे। विधायक के बाहर निकलते ही उनके समर्थक भी सभागार से बाहर जाने लगे। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने “मयूख महर मुर्दाबाद” के नारे लगाए, जिससे सम्मेलन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।

संगठन को दिया गया अनुशासन का संदेश
कांग्रेस नेतृत्व की इस त्वरित कार्रवाई को संगठन में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पिथौरागढ़ में सामने आई यह गुटबाजी कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकती है, जबकि विपक्ष को इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का अवसर मिल गया है।

