पिथौरागढ़ में कांग्रेस के परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में हंगामा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के सामने मंच छोड़कर चले गए विधायक मयूख महर
पिथौरागढ़। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस को मंगलवार को पिथौरागढ़ में आयोजित ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ के दौरान उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी सार्वजनिक रूप से सामने आ गई। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में कांग्रेस विधायक मयूख महर मंच से नाराज होकर अपने समर्थकों के साथ सभागार छोड़कर बाहर चले गए। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों को एक बार फिर उजागर कर दिया।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष के संबोधन से शुरू हुआ विवाद
जिला पंचायत सभागार में आयोजित सम्मेलन के दौरान विवाद की शुरुआत तब हुई, जब जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी ने अपने संबोधन में नगर निकाय चुनाव और पार्टी से अलग होकर काम करने के मुद्दे का जिक्र करते हुए परोक्ष रूप से विधायक मयूख महर पर निशाना साधा। उनके बयान से नाराज विधायक मंच से उठ गए और समर्थकों के साथ कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए बाहर निकल गए।
कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच से घोषणा की गई थी कि सम्मेलन में केवल संगठन को मजबूत करने और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन पहले ही भाषण में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू होने से माहौल गर्मा गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पंत ने भावना नगरकोटी से अपना संबोधन समाप्त करने का आग्रह भी किया, लेकिन उन्होंने बोलना जारी रखा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक विधायक सभागार छोड़ चुके थे।

समर्थकों के बाहर निकलने से बढ़ा तनाव
मयूख महर के सभागार से बाहर निकलते ही उनके समर्थक भी कार्यक्रम छोड़कर बाहर आने लगे। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने “मयूख महर मुर्दाबाद” के नारे लगाए, जिससे सम्मेलन का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
मयूख महर बोले- राजनीतिक खुन्नस निकालने का मंच बना कार्यक्रम
सभागार से बाहर आने के बाद विधायक मयूख महर ने कहा कि सम्मेलन को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह था, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर कार्यक्रम का माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्ता को संगठन की मजबूती, महिलाओं, दलितों और युवाओं को जोड़ने की रणनीति पर बोलना चाहिए था, लेकिन उन्होंने मंच का इस्तेमाल व्यक्तिगत राजनीतिक खुन्नस निकालने के लिए किया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वहां बैठे रहने का कोई औचित्य नहीं था, इसलिए उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया।
गोदियाल बोले- कोई बड़ी बात नहीं, मैं खुद बात करूंगा
विवाद के बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मामले को ज्यादा तूल न देते हुए कहा कि इतने बड़े कार्यक्रम में किसी कार्यकर्ता के व्यवहार से ऐसी स्थिति बन सकती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि वह स्वयं विधायक मयूख महर से बात करेंगे। हालांकि, विधायक के जाने के बाद अपने संबोधन में गोदियाल ने कहा कि कार्यक्रम का माहौल “गाइडेड और इन-गाइडेड मिसाइलों” के कारण खराब हुआ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विवेक और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया।
2027 चुनाव की तैयारी के बीच सामने आई कलह
कांग्रेस ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत प्रदेशभर में ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ अभियान शुरू किया है। पहले चरण में 10 जुलाई तक पर्वतीय जिलों में सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पिथौरागढ़ पहुंचे थे।
नगर निगम चुनाव से जुड़ा है विवाद
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस विवाद की पृष्ठभूमि पिछले वर्ष हुए पिथौरागढ़ नगर निगम चुनाव से जुड़ी है। उस समय विधायक मयूख महर अपनी समर्थक मोनिका महर को कांग्रेस का टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने अंजू लुंठी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद मोनिका महर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं और विधायक उनके समर्थन में आ गए। इससे कांग्रेस दो गुटों में बंट गई, जिसका सीधा लाभ भाजपा को मिला। भाजपा प्रत्याशी कल्पना देवलाल मात्र 17 वोटों के अंतर से चुनाव जीत गईं। कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को 3,379 वोट, जबकि बागी उम्मीदवार मोनिका महर को 9,449 वोट मिले। यदि दोनों के मत एक साथ होते तो कांग्रेस आसानी से चुनाव जीत सकती थी।
भाजपा को मिला राजनीतिक मुद्दा
परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के मंच पर सामने आई यह गुटबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब कांग्रेस संगठन को मजबूत कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। ऐसे में इस घटनाक्रम से भाजपा को कांग्रेस की आंतरिक कलह पर हमला बोलने का एक नया राजनीतिक मुद्दा मिल गया है।

