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राज्य आंदोलनकारियों की मांगों पर चम्पावत में मंथन, शेष मांगों का ड्राफ्ट सीएम के समक्ष रखा जाएगा

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राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान और हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता : हुकम सिंह कुँवर

चम्पावत। राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष एवं दर्जा राज्य मंत्री हुकम सिंह कुँवर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेंशन, चिन्हीकरण, आरक्षण, आश्रितों को सुविधाएं और अन्य लंबित प्रकरणों पर विस्तार से मंथन किया गया। परिषद अध्यक्ष ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की शेष मांगों और सुझावों का प्रदेशव्यापी ड्राफ्ट तैयार कर गृह सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।

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बैठक में हुकम सिंह कुँवर ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, सम्मान पेंशन में वृद्धि, शहीदों के आश्रितों एवं पूर्णतः दिव्यांग आंदोलनकारियों की पेंशन में बढ़ोतरी, पेंशन व आश्रित प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया का सरलीकरण, छूटे हुए आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण, शहीद स्थलों का पुनर्निर्माण तथा राज्य परिवहन की बसों में निशुल्क यात्रा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि चम्पावत में आंदोलनकारियों की ओर से उठाई गई मांगों और सुझावों को भी ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा। प्रदेशभर से प्राप्त मांगों को एकत्र कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिसे उचित माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।

पेंशन से लेकर आरक्षण तक उठे मुद्दे

बैठक में राज्य आंदोलनकारियों ने पेंशन में विषमता दूर करने, वास्तविक एवं छूटे हुए आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण करने, आश्रितों को आरक्षण का लाभ देने समेत कई मांगें रखीं। 70 वर्ष से अधिक आयु के आंदोलनकारियों के साथ एक सहायक को राज्य परिवहन की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने तथा राज्य अतिथि गृहों में राजकीय कर्मचारियों की तर्ज पर ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया।

अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी ने जनपद में चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि चम्पावत जिले में कुल 213 राज्य आंदोलनकारी चिन्हित हैं। इनमें 38 विभिन्न विभागों में सेवायोजित, 92 पेंशन प्राप्तकर्ता और 19 आश्रित पेंशन प्राप्तकर्ता हैं।

जिलाधिकारी ने दिया नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आंदोलनकारियों की ओर से रखे गए सभी विषयों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जबकि शासन स्तर से जुड़े मामलों को उचित माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आंदोलनकारियों से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इससे पहले जिलाधिकारी ने पौध गमला भेंट कर परिषद अध्यक्ष हुकम सिंह कुँवर का स्वागत किया। बैठक में प्रभारी सीडीओ अजय सिंह, एडीएम केएन गोस्वामी, एसडीएम बीसी पंत, एसडीएम नीतू डांगर, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, शंकर दत्त पाण्डेय, भागीरथ भट्ट, बहादुर सिंह फर्त्याल, श्याम सिंह कार्की, दिनेश चन्द्र पाण्डेय, खीम सिंह बिष्ट, राजू गड़कोटी, सुधीर साह सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।