नाबालिग पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने पर मुकदमा दर्ज
पिथौरागढ़। नाबालिग बालिका से जुड़े एक संवेदनशील मामले में सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। पिथौरागढ़ पुलिस ने नाबालिग पीड़िता का नाम और फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार हाल ही में एक नाबालिग बालिका के अपहरण से संबंधित प्रकरण में कोतवाली पिथौरागढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिका को सकुशल बरामद कर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। इसी दौरान धर्मेन्द्र लाल वर्मा निवासी पितरौटा, कोतवाली पिथौरागढ़ द्वारा सोशल मीडिया पर नाबालिग बालिका का नाम एवं छायाचित्र सार्वजनिक करते हुए भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की गई। पुलिस का कहना है कि इस कृत्य से पीड़िता और उसके परिजनों की निजता तथा सम्मान प्रभावित हुआ है। पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ के निर्देशानुसार धर्मेन्द्र लाल वर्मा के विरुद्ध धारा 72 बीएनएस व 23(4) पोक्सो एक्ट में मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अभियुक्त धर्मेन्द्र लाल वर्मा आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है जिसके विरूद्ध पूर्व में भी 4 मुकदमे दर्ज हैं।
अभियुक्त धर्मेन्द्र लाल वर्मा का आपराधिक इतिहास
1-FIR NO. 259/2023 धारा 323/504/506/509 IPC
2-FIR NO. 140/2022 धारा 323/384/504 IPC
3-FIR NO. 68/5015 धारा 325/504 IPC
4-FIR NO. 538/2002 धारा 325/506/376 IPC
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नाबालिग पीड़ित या पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है। ऐसा करना पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाता है और यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। पिथौरागढ़ पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मामले से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित करने वाले अन्य व्यक्तियों की भी पहचान की जा रही है। यदि कोई अन्य व्यक्ति भी नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करता पाया गया तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील मामले में सोशल मीडिया पर सामग्री साझा करने से पहले कानून का पालन करें तथा नाबालिग पीड़ितों की पहचान किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक न करें।

