चम्पावत : अकेली महिला से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया एक लाख रुपये का जुर्माना
चम्पावत। किराए के मकान में अकेली महिला से जबरदस्ती दुष्कर्म करने के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
इलाज के दौरान मां को फोन कर बताई घटना
अभियोजन पक्ष के अनुसार, टनकपुर क्षेत्र निवासी पीड़िता की मां ने 20 अगस्त 2025 को कोतवाली टनकपुर में तहरीर देकर घटना की जानकारी दी थी। तहरीर में बताया गया कि 17 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे उसकी पुत्री अपने किराए के मकान में अकेली थी। आरोप था कि इसी दौरान वार्ड नंबर एक, शारदा घाट निवासी करन कश्यप ने महिला को अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया।
घटना के बाद पीड़िता की हालत बिगड़ गई और उसे रक्तस्राव होने लगा। वह उपचार के लिए टनकपुर के सरकारी अस्पताल पहुंची। वहां से उसने फोन कर अपनी मां को घटना की जानकारी दी। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार किया गया।
BNS की धारा 64(1) में दर्ज हुआ था मुकदमा
पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कोतवाली टनकपुर में आरोपी करन कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष विभिन्न साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

