चम्पावत के गजेन्द्र जोशी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) बने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र एवं जनपद चम्पावत के लटोली गांव निवासी, भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गजेन्द्र जोशी को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर पूरे जनपद में हर्ष, गर्व और उत्साह का वातावरण है। यह उपलब्धि न केवल चम्पावत बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 316(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल ने लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गजेन्द्र जोशी को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से छह वर्ष की अवधि अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार का अध्यक्ष नियुक्त किया है। देश की सीमाओं की रक्षा में दशकों तक अद्वितीय साहस, नेतृत्व और समर्पण का परिचय देने वाले लेफ्टिनेंट जनरल गजेन्द्र जोशी अब उत्तराखण्ड की सर्वोच्च संवैधानिक भर्ती संस्था का नेतृत्व करेंगे। सैन्य जीवन में उत्कृष्ट सेवाओं के बाद उन्हें यह महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व सौंपा जाना उनके व्यक्तित्व, कार्यकुशलता, प्रशासनिक क्षमता और निष्पक्ष नेतृत्व का प्रमाण है।
हाल ही में 29 जून 2026 को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के प्रति उनकी असाधारण एवं विशिष्ट सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च सैन्य अलंकरणों में से एक परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) से सम्मानित किया था। इससे पूर्व उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) तथा सेना मेडल (SM) से भी अलंकृत किया जा चुका है।


वीरभूमि चम्पावत से निकलकर देश की सर्वोच्च सैन्य जिम्मेदारियों तक पहुँचना और अब राज्य की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था का नेतृत्व संभालना जनपद के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है। उनकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि समर्पण, अनुशासन, उत्कृष्ट नेतृत्व और राष्ट्रसेवा का भाव व्यक्ति को नई-नई ऊँचाइयों तक पहुंचाता है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गजेन्द्र जोशी की इस ऐतिहासिक नियुक्ति पर जनपद के जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। जनपदवासियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके व्यापक अनुभव, पारदर्शी कार्यशैली और दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा तथा राज्य की भर्ती प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।

