लोहाघाट अस्पताल से 8 डॉक्टरों के तबादले पर रोष, विकास संघर्ष समिति ने आंदोलन का किया ऐलान
लोहाघाट/चम्पावत। लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय से एक साथ आठ चिकित्सकों के तबादले के बाद क्षेत्र में विरोध शुरू हो गया है। स्थानांतरित चिकित्सकों में चार विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल हैं। उनके स्थान पर अभी तक किसी प्रतिस्थानी की तैनाती नहीं होने से स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई है।
मंगलवार को लोहाघाट विकास संघर्ष समिति ने समिति अध्यक्ष विपिन गोरखा के नेतृत्व में अस्पताल परिसर के बाहर प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सभी स्थानांतरण तत्काल निरस्त करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं पूर्ववत बनाए रखने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, शासन ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञान प्रकाश, छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र सिंह बोहरा, निश्चेतक डॉ. चित्रलेखा बोहरा, डॉ. मंजीत सिंह सहित कुल आठ चिकित्सकों का स्थानांतरण किया है।

समिति अध्यक्ष विपिन गोरखा ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के बाद दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलने लगा था, लेकिन एक साथ इतने चिकित्सकों के तबादले से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इस निर्णय से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरण पर रोक नहीं लगाई गई और अस्पताल में तत्काल नए चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई, तो बुधवार से उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में क्षेत्र की जनता भी शामिल होगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. महेश ढेक ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि यह पूरी तरह जनहित का मुद्दा है और कांग्रेस इस आंदोलन के साथ खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर विषय पर जनप्रतिनिधि मौन हैं, जबकि जनता स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंतित है।
प्रदर्शन में लोकेश पांडे, अजय गोरखा, राज किशोर शाह, दीपक शाह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू फर्त्याल, गोपाल कनौजिया सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।

