257 करोड़ के बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज में निर्माण कार्यों को रफ्तार, नवंबर तक तैयार होंगे खेल मैदान
दिसंबर तक छात्रावास निर्माण पूरा करने के निर्देश, डीएम मनीष कुमार बोले- नए प्रवेश सत्र में छात्राओं के लिए सुनिश्चित हो आवासीय सुविधा
लोहाघाट/चम्पावत। छमनियां में करीब 257 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए बास्केटबॉल कोर्ट, फुटबॉल और हॉकी मैदान को नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, आगामी प्रवेश सत्र में आने वाली छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छात्रावास भवनों का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने को कहा।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बालिकाओं को बेहतर खेल प्रशिक्षण और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण पूरा करने पर जोर दिया।
नवंबर तक तैयार होंगे खेल मैदान
जिलाधिकारी ने बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण को नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही फुटबॉल और हॉकी मैदानों का निर्माण भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। इन खेल सुविधाओं के तैयार होने से छात्राओं को नियमित अभ्यास, खेल कौशल में सुधार और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
दिसंबर तक छात्रावास पूरा करने पर जोर
डीएम ने छात्रावास भवनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि आगामी प्रवेश सत्र को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा किया जाए। इससे कॉलेज में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के लिए आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। छात्रावास और खेल सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होने से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभावान छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश की बालिकाओं को मिलेगा खेल प्रतिभा निखारने का अवसर
बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज को प्रदेश में बालिकाओं की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। खेल मैदानों और छात्रावासों के निर्माण के बाद छात्राओं को प्रशिक्षण के साथ रहने की सुविधा भी मिलेगी। इससे उन्हें नियमित अभ्यास करने और उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। अब निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करना संबंधित विभागों के लिए अहम चुनौती होगी।

