चम्पावत के सीमांत क्षेत्रों के विकास को मिली रफ्तार, 58 योजनाओं के लिए 10.47 करोड़ से अधिक स्वीकृत
MBADP के तहत 50 योजनाओं के लिए 9.53 करोड़ और MPRY के तहत 8 योजनाओं के लिए 94.26 लाख रुपये की मंजूरी
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सीमांत क्षेत्रों के समग्र एवं संतुलित विकास के संकल्प के अनुरूप चम्पावत जिले में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए जिले के सीमांत क्षेत्रों में 50 योजनाओं के लिए 9.53 करोड़ रुपये की शासन से स्वीकृति मिली है। वहीं, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) के अंतर्गत 8 योजनाओं के लिए 94.26 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशन में स्वीकृत योजनाओं के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अवस्थापना सुविधाओं के विकास, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
MBADP के तहत सीमावर्ती जिलों से प्राप्त त्रिवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजनाओं का राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी (SLSC) द्वारा परीक्षण एवं अनुमोदन किया जाता है। योजनाओं का चयन कन्वर्जेंस के आधार पर किया जाता है, ताकि विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सीमांत क्षेत्रों की प्राथमिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य कराए जा सकें।
स्वीकृत योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन से सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ युवाओं के कौशल विकास, स्थानीय रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और स्वीकृत धनराशि के प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
सरकार द्वारा सीमांत क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, अवस्थापना, कौशल विकास, आजीविका और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। चम्पावत में स्वीकृत 58 योजनाओं के लिए कुल 10.47 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि से होने वाले विकास कार्यों से सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।

