उत्तराखंड भाजपा को मिला नया प्रभारी, राम माधव को जिम्मेदारी
बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन बनाए गए सह प्रभारी, दुष्यंत गौतम की जगह नई टीम
देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड संगठन के लिए नए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। पार्टी ने राम माधव को उत्तराखंड का नया प्रभारी बनाया है। उनके साथ बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। नई नियुक्तियों के साथ प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक स्तर पर प्रभारी की टीम में बदलाव हुआ है।
इससे पहले दुष्यंत गौतम उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सितंबर की शुरुआत में हल्द्वानी में हुई भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भी गौतम प्रदेश प्रभारी के तौर पर मौजूद थे। बैठक में संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी। राम माधव भाजपा के संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं। वहीं बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को सह प्रभारी बनाए जाने के बाद उत्तराखंड संगठन में प्रभारी स्तर पर तीन सदस्यीय नई टीम की जिम्मेदारी होगी। नियुक्तियों की जानकारी 23 सितंबर को सामने आई।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बदलाव
उत्तराखंड में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की हालिया बैठक में भी चुनावी तैयारियों, बूथ स्तर के संगठन और विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई थी। नई नियुक्तियों के बाद प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी के सामने राज्य संगठन के साथ समन्वय तथा पार्टी की आगामी संगठनात्मक गतिविधियों में भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी।
कौन हैं राम माधव…
बता दें कि राम माधव बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं एक प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकार हैं। उनका पूरा नाम वाराणसी राम माधव है। जिनका जन्म 22 अगस्त 1964 को आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में हुआ। उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर किया है। राजनीतिक सफर की बात करें तो वे कम उम्र में ही आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए थे। साल 1981 में वे आरएसएस के पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने। साल 2003 से 2014 तक वे आरएसएस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे। जबकि, साल 2014 में उन्हें संघ से बीजेपी में प्रतिनियुक्त किया। इसके बाद साल 2014 से 2020 तक बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव रहे। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी की रणनीति बनाने में काफी अहम भूमिका निभाई। अभी वे अगस्त 2026 से बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।





