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चम्पावत के धूरा व मौराड़ी विद्यालय अब होंगे इंटर स्तर तक उच्चीकृत, शासन से मिली स्वीकृति

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दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को घर के नजदीक मिलेगी 12वीं तक की पढ़ाई, छात्राओं को भी होगा बड़ा लाभ

चम्पावत। जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं के क्रम में विकासखंड चम्पावत के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धूरा और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मौराड़ी को इंटर स्तर तक उच्चीकृत करने की सैद्धांतिक एवं प्रशासनिक स्वीकृति शासन ने प्रदान कर दी है। विद्यालयों के उच्चीकरण के बाद अब इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को हाईस्कूल के बाद कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के विद्यालयों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

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शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दोनों विद्यालयों के लिए आवश्यक पदों के सृजन संबंधी आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे। इससे विद्यालयों में इंटरमीडिएट स्तर की शिक्षा के लिए जरूरी शैक्षणिक एवं अन्य व्यवस्थाओं का रास्ता भी साफ होगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि दोनों विद्यालयों का उच्चीकरण दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि धूरा, मौराड़ी और आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को अब इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे विद्यार्थियों के समय और आवागमन की बचत होगी तथा अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा।

इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को मिलने की उम्मीद है। हाईस्कूल के बाद दूरस्थ विद्यालयों में पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्राओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। कई परिवारों के लिए आवागमन और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियां आगे की पढ़ाई में बाधा बनती थीं। अब स्थानीय स्तर पर इंटर तक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने से बालिकाओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने का बेहतर अवसर मिलेगा।

धूरा क्षेत्र में लंबे समय से यह आवश्यकता महसूस की जा रही थी कि हाईस्कूल के बाद विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही इंटरमीडिएट स्तर की शिक्षा उपलब्ध हो। विद्यालय के उच्चीकरण से आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वहीं मौराड़ी क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए भी 12वीं तक शिक्षा का स्थानीय विकल्प उपलब्ध हो जाएगा।

विद्यालयों के उच्चीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में माध्यमिक शिक्षा का आधार मजबूत होने के साथ ही हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ने की स्थिति को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर इंटरमीडिएट तक शिक्षा की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई लगातार जारी रखने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

धूरा और मौराड़ी के विद्यालयों को इंटर स्तर तक उच्चीकृत किए जाने की स्वीकृति पर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने खुशी जताई है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।