द्यूरी-चल्थी मोटर मार्ग निर्माण की कवायद तेज, डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण
वन, लोनिवि और भू-वैज्ञानिक सर्वे रिपोर्ट का परीक्षण; कार्यदायी संस्था को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
चम्पावत। द्यूरी-चल्थी मोटर मार्ग निर्माण को लेकर प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने शनिवार को प्रस्तावित मोटर मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर इसकी भौगोलिक एवं तकनीकी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण करते हुए सड़क निर्माण की संभावनाओं, भूमि की स्थिति और संभावित तकनीकी चुनौतियों की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और भू-वैज्ञानिक द्वारा पूर्व में किए गए सर्वे की रिपोर्टों का भी परीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से सर्वे में सामने आए महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी लेते हुए सड़क निर्माण से संबंधित तकनीकी और विभागीय प्रक्रियाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।


उन्होंने लोक निर्माण विभाग को रोड कटिंग और सड़क निर्माण के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि निर्माण से पहले क्षेत्र की मृदा का आवश्यक परीक्षण कराया जाए और भू-वैज्ञानिक व तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रस्तावित मार्ग में आने वाली भूमि की स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित पटवारी को राजस्व एवं अन्य भूमि से जुड़े विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय सड़क की तकनीकी व्यवहार्यता, भू-स्थल की स्थिति, वन एवं राजस्व भूमि, सुरक्षा मानकों और भविष्य में मार्ग के सुचारू संचालन जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने स्थानीय जरूरतों को देखते हुए आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि द्यूरी-चल्थी मोटर मार्ग बनने से क्षेत्र के करीब 12 तोकों को लाभ मिलेगा। ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में उन्हें करीब 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। प्रस्तावित सड़क बनने से आवागमन आसान होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित मोटर मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के वैकल्पिक मार्ग के तौर पर भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बरसात के दौरान एनएच पर भूस्खलन या अन्य कारणों से यातायात बाधित होने की स्थिति में यह मार्ग वैकल्पिक संपर्क के रूप में उपयोगी रहेगा। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी और विभागीय प्रक्रियाओं को नियमानुसार तेजी से आगे बढ़ाया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग मोहन चन्द्र पड़लिया, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुन्दर सिंह बोहरा, पूर्व प्रधान बालम सिंह बोहरा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुरेश जोशी, महेंद्र सिंह नेगी, सूरज सिंह नेगी सहित अन्य ग्रामीण एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

