पाटी विस के भोखड़ा विद्यालय भवन में पशु बांधने के मामले में प्रशासन ने लिया संज्ञान
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण, वर्ष 2017 से शून्य छात्र संख्या के चलते बंद है विद्यालय
पाटी/चम्पावत। पाटी विकासखंड के मंगललेख स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भोखड़ा के भवन में पशु बांधे जाने के मामले का प्रशासन ने संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी भारत जोशी ने मौके पर पहुंचकर विद्यालय भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने भवन की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के साथ सरकारी परिसंपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।


प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी भारत जोशी के अनुसार विद्यालय में छात्र संख्या शून्य होने के कारण करीब वर्ष 2017 से शिक्षण कार्य संचालित नहीं हो रहा है। उनके मुताबिक विद्यालय भवन में वर्तमान में कोई शैक्षणिक रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि विद्यालय के बंद होने के बाद क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई है और नजदीकी विद्यालय रमक में उनके अध्ययन की व्यवस्था है।
ग्राम प्रधान बोले—बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई
ग्राम प्रधान मंगललेख नरेश आर्या ने बताया कि वर्ष 2017 में विद्यालय बंद होने के बाद क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा। उन्होंने बताया कि बच्चे आसपास के विद्यालयों और राजकीय इंटर कॉलेज रमक में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि मंगल जोशी ने भी कहा कि रमक, मंगोली और बासली समेत आसपास के क्षेत्रों के बच्चे समीपवर्ती प्राथमिक विद्यालयों तथा राजकीय इंटर कॉलेज रमक में अध्ययन कर रहे हैं।
सरकारी भवन के उपयोग और संरक्षण पर भी सवाल
विद्यालय भवन के निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग ने सरकारी परिसंपत्ति की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि बंद या समायोजित विद्यालय भवनों का अनधिकृत उपयोग नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे भवनों की सुरक्षा के साथ स्थानीय आवश्यकता और नियमानुसार उनके उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग के अनुसार कम या शून्य छात्र संख्या वाले विद्यालयों के संबंध में विद्यार्थियों की सुविधा और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें नजदीकी विद्यालयों से जोड़ने अथवा विद्यालयों के समायोजन की व्यवस्था की जाती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी विद्यालय परिसरों और विद्यालय समूहों के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मामले में बच्चों की शिक्षा और सरकारी भवन की सुरक्षा, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

