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युवाओं से सीधा संवाद, सीएम धामी ने कहा- निष्ठा और परिश्रम से साधारण व्यक्ति भी पहुंच सकता है सर्वोच्च पद तक

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बनबसा में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवालों के दिए जवाब, 34 हजार से अधिक पारदर्शी नियुक्तियों और युवा आयोग के गठन की जानकारी; विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली युवा प्रतिभाएं सम्मानित

बनबसा/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय चम्पावत भ्रमण के दौरान बनबसा में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद किया। होटल शुमंगलम में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के साथ हुआ। इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं का स्वागत करते हुए उनकी जिज्ञासाओं और सवालों के सीधे जवाब दिए।

संवाद के दौरान छात्रा मिलन कलखुड़िया ने मुख्यमंत्री से उनके जीवन सफर के बारे में सवाल किया। जवाब में मुख्यमंत्री ने अपनी शिक्षा, युवावस्था और राजनीतिक यात्रा से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता, बल्कि अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और मनोयोग से निर्वहन कर महान बनता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के उन्होंने बूथ स्तर से लेकर महाविद्यालयों और सड़कों तक कार्यकर्ता के रूप में संघर्ष किया और अनुशासन व परिश्रम के बल पर आगे बढ़ते हुए आज इस पद तक पहुंचे हैं।

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नकल विरोधी कानून और परीक्षा केंद्र पर भी हुई चर्चा

छात्रा प्रीति पांडे ने नकल विरोधी कानून की सराहना करते हुए टनकपुर में भी परीक्षा केंद्र बनाए जाने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए उचित प्रयास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि सख्त कानूनों के कारण भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं।

नशे से दूर रहने का युवाओं से आह्वान

छात्र रोहित शर्मा ने मुख्यमंत्री से नशे के खिलाफ संदेश को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ अभियान की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

वैभवी जोशी ने जनमानस में प्रचलित उपनामों और मुख्यमंत्री की जीवनशैली को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेशवासियों का स्नेह बताते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखते हुए जनसेवा करना उनकी प्राथमिकता है।

चम्पावत में 56 करोड़ की लागत से बन रहा साइंस सेंटर

छात्र सुमित सिंह नायक ने यूसीसी, नकल विरोधी कानून और अवस्थापना विकास को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि चम्पावत में करीब 56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इससे युवाओं को विज्ञान और तकनीक से जुड़ा ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए चम्पावत में आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, साइंस सेंटर और राज्य के पहले बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

युवा आयोग का होगा गठन

छात्र नमन पुरी ने युवा आयोग को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है। यह आयोग प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को सही दिशा और मार्गदर्शन देने के साथ ही रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम के अंत में छात्र अंकित भट्ट ने मुख्यमंत्री से पहाड़ी भाषा में संवाद किया। मुख्यमंत्री ने भी पहाड़ी भाषा में जवाब देकर युवाओं से आत्मीय संवाद किया।

पलायन रोकने और रोजगार सृजन पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की करीब 65 प्रतिशत युवा आबादी 21वीं सदी की सबसे बड़ी शक्ति है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर यही युवा शक्ति देश का परिदृश्य बदल सकती है। उन्होंने अपने ‘विकल्प रहित संकल्प’ को दोहराते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए अल्मोड़ा, चमोली और पौड़ी जैसे जिलों में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के हित में यूसीसी, सख्त नकल विरोधी कानून, शिक्षा प्राधिकरण का गठन और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और खेल के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, खेल, समाज सेवा, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली स्थानीय युवा प्रतिभाओं को राजकीय सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित किया। नीट परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली बनबसा के बसटिया क्षेत्र की कु. हिमानी विश्वकर्मा, अमेजॉन में 47 लाख रुपये का सालाना पैकेज प्राप्त करने वाली बिचई की श्वेता चंद और राष्ट्रीय पैरा आर्म रेसलिंग की स्वर्ण पदक विजेता टनकपुर के पवन गढ़कोटी को सम्मानित किया गया।

खेल एवं दिव्यांग कल्याण के क्षेत्र में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार विजेता बनबसा के संदीप रस्तोगी, निशुल्क गौ सेवा में योगदान देने वाले पवन मेहता, नशा मुक्ति अभियान के संचालक मनीष सिंह तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहीं अजंता विजय को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा बागवानी के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने वाले चम्पावत के कमल गिरी, माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत, लोक संस्कृति एवं मीडिया इंफ्लुएंसर तरुण भट्ट तथा युवतियों को सेना और पुलिस भर्ती की निशुल्क ट्रेनिंग देने वाली बनबसा की अरुणिमा रावत को भी उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, प्रभारी गुंजन सुखीजा, सह प्रभारी नितिन देउपा, श्याम नारायण पांडेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी, किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चम्पावत प्रकाश तिवारी, टनकपुर विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, जिलाध्यक्ष महिला युवा मोर्चा दीपा जोशी, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा गौरव पांडे, जिलाध्यक्ष युवा मोर्चा मुकेश जोशी, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश पांडेय, मुख्यमंत्री के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।